हादसे की 'ऑल्टो' और सूझबूझ की 'रफ्तार': रुड़की हाईवे पर धू-धू कर जली कार, मौत को छूकर सुरक्षित बाहर निकला परिवार

Published: 20 Feb 2026, 06:17 AM   |   Updated: 20 Feb 2026, 06:17 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

रुड़की (मंगलौर)। खुशियों के साथ घर से निकले कदम कब हादसे की दहलीज पर पहुंच जाएं, कहा नहीं जा सकता। रुड़की-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को उस समय चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती ऑल्टो कार ने अचानक आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी कार को अपनी आगोश में ले लिया। गनीमत रही कि कार सवार ने समय रहते धुआं देख लिया और मौत के मुंह में समाने से पहले बाहर निकल आए।

सफर में मौत का साया: सूझबूझ ने बचाई जान

जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर (थाना गंगोह) के रंधेड़ी निवासी संजय पुत्र इलम सिंह अपनी कार से मंगलौर से रुड़की की ओर एक शादी समारोह में शिरकत करने जा रहे थे। अभी उनकी कार पैसिफिक होटल के पास पहुंची ही थी कि अचानक बोनट से काला धुआं निकलने लगा। संजय ने बिना एक पल गंवाए सूझबूझ दिखाई और कार को सड़क किनारे रोककर तुरंत नीचे उतर गए। उनके बाहर निकलते ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

दमकल की मुस्तैदी: टल गया बड़ा धमाका

सूचना मिलते ही फायर स्टेशन रुड़की की टीम दो मोटर फायर इंजनों के साथ मौके पर पहुंची। आग इतनी भीषण थी कि कार के टायर, सीटें और इंजन पूरी तरह जल चुके थे। दमकल कर्मियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए सबसे पहले कार के पेट्रोल टैंक को ठंडा किया। यदि टैंक फट जाता, तो नेशनल हाईवे पर बड़ा हादसा हो सकता था। भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कार लोहे के कंकाल में तब्दील हो चुकी थी।

जाम में फंसी सांसे, पुलिस ने संभाला मोर्चा

हादसे के दौरान हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कोतवाली मंगलौर पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था को संभाला और लोगों को सुरक्षित दूरी पर किया। आँखों के सामने अपनी गाड़ी को राख होते देख कार स्वामी की आँखें नम थीं, लेकिन उन्हें इस बात का संतोष था कि वह और उनका परिवार पूरी तरह सुरक्षित है।

अपील: भीषण गर्मी और लंबी दूरी के सफर से पहले अपने वाहन की वायरिंग और इंजन की जांच जरूर कराएं। कार में छोटा अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) रखना आपकी जान बचा सकता है।

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