बागजाला गांव के विकास कार्यों को लेकर किसानों का धरना, वन विभाग पर लगाए अवरोध के आरोप

Published: 06 Apr 2026, 02:30 PM   |   Updated: 06 Apr 2026, 02:32 PM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

Haldwani में अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला कमेटी ने तराई पूर्वी वन प्रभाग कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर गांव के विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को समाप्त करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की अनुमति न मिलने के कारण जल जीवन मिशन, सड़क निर्माण, नहर मरम्मत और बिजली कनेक्शन जैसे कई जरूरी कार्य लंबे समय से रुके हुए हैं।

धरने को संबोधित करते हुए Anand Singh Negi ने कहा कि बागजाला गांव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बजट स्वीकृत होने के बावजूद विकास योजनाएं वन विभाग की अनुमति के अभाव में अटकी हुई हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

वरिष्ठ किसान नेता Bahadur Singh Jangi ने कहा कि पानी, सड़क और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के साथ अन्याय है। वहीं कमेटी की अध्यक्ष Dr. Urmila Raiswal ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे जनविरोधी बताया।

किसान महासभा ने जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाओं को तुरंत स्वीकृति देने, सड़कों और नहरों के निर्माण व मरम्मत, बिजली-पानी कनेक्शन की अनुमति जारी करने सहित 8 सूत्रीय मांगें रखीं। साथ ही वन विभाग से पूर्व में किए गए वादों, जैसे स्ट्रीट और सोलर लाइट लगाने, को पूरा करने की भी मांग की गई।

धरने के बाद डीएफओ से वार्ता हुई, जिसमें अधिकारियों ने मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि किसान महासभा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी।

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