Published:
26 Feb 2026, 07:11 AM
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Updated:
26 Feb 2026, 07:12 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
हल्द्वानी। बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सर्वोच्च न्यायालय में हुई ताजा सुनवाई के बाद जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मामले की संवेदनशीलता और हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़ी इस कानूनी लड़ाई में प्रशासन अब 'वेट एंड वॉच' के साथ-साथ जमीनी तैयारियों को पुख्ता करने में जुट गया है।
कैंप कार्यालय में अधिकारियों का महामंथन हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारतीय रेलवे, नगर निगम, जिला विकास प्राधिकरण और ग्राम्य विकास विभाग के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जैसे ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की आधिकारिक प्रति प्राप्त होती है, बिना किसी देरी के प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समन्वय और शांति पर जोर जिलाधिकारी ने बैठक में दो-टूक शब्दों में कहा कि न्यायालय और शासन के निर्देशों के पालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
सभी विभाग आपस में रियल-टाइम समन्वय स्थापित करें।
रेलवे अधिकारी प्रकरण की वर्तमान स्थिति और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत रिपोर्ट साझा करें।
समस्त कार्रवाई विधिसम्मत प्रक्रिया और क्षेत्र में शांति व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए की जाए।
रेलवे और प्रशासन के बीच सेतु बैठक में डीआरएम रेलवे (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से) और सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. वाजपेयी सहित अन्य अधिकारियों ने आगामी चुनौतियों पर चर्चा की। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे की रूपरेखा पूरी तरह से न्यायालय के विवेक और दिशा-निर्देशों पर आधारित होगी, जिसे लागू करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक में मौजूद रहे मुख्य अधिकारी: विजयनाथ शुक्ला (सचिव, विकास प्राधिकरण), परितोष वर्मा (नगर आयुक्त), गोपाल गिरी गोस्वामी (डीडीओ), कुलदीप पाण्डे (तहसीलदार) सहित रेलवे के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी।
