बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने के लिए 18 को महारैली, संघर्ष समिति ने कहा- 'अधिसूचना तक नहीं बैठेंगे शांत'

Published: 11 Feb 2026, 12:23 PM   |   Updated: 11 Feb 2026, 12:23 PM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

बिंदुखत्ता। वर्षों से लंबित राजस्व गांव की मांग को लेकर बिंदुखत्ता के ग्रामीणों ने अब आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। प्रतिभा बाल विद्यालय के प्रांगण में आयोजित संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में वक्ताओं ने साफ कर दिया कि हक की इस लड़ाई में अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।

18 फरवरी को शक्ति प्रदर्शन की तैयारी बैठक में आगामी 18 फरवरी को होने वाली महारैली को लेकर व्यापक रूपरेखा तैयार की गई। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह रैली केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बिंदुखत्ता की एकजुटता और स्वाभिमान का प्रतीक होगी। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि लंबे समय से इस क्षेत्र की अनदेखी की जा रही है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

घर-घर दस्तक देगी संघर्ष समिति महारैली को सफल बनाने के लिए समिति के सदस्य गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को लामबंद करेंगे। बैठक में संकल्प लिया गया कि जब तक सरकार राजस्व गांव की मांग पर अंतिम मुहर (अधिसूचना) नहीं लगा देती, तब तक संघर्ष की मशाल जलती रहेगी। ग्रामीणों का मानना है कि केवल एकजुटता के दम पर ही शासन-प्रशासन को जगाया जा सकता है।

बैठक में ये रहे मौजूद रणनीति बैठक में मुख्य रूप से अध्यक्ष कुंदन सिंह मेहता, गुरदयाल सिंह मेहरा, हरीश बिसोती, प्रदीप सिंह बथ्याल, मोहन चंद्र कुराई, गोविंद बल्लभ भट्ट, रमेश सिंह राणा, बिशन दत्त जोशी, विमला रौथांण, मीना कपिल, माया देवी, बिंदु गुप्ता समेत सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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