बिंदुखत्ता आत्महत्या कांड: वायरल वीडियो के बाद मौत, अवैध नशा नेटवर्क पर उठा जनाक्रोश

Published: 31 Mar 2026, 06:27 AM   |   Updated: 31 Mar 2026, 06:30 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

उत्तराखंड के बिंदुखत्ता क्षेत्र के शास्त्री नगर में सामने आया एक आत्महत्या का मामला पूरे इलाके को झकझोर गया है। कथित शराब तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सामाजिक अपमान और मानसिक दबाव के कारण उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी जनाक्रोश देखने को मिल रहा है और लंबे समय से चल रहे अवैध नशा कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लालकुआं, हल्दूचौड़ और बिंदुखत्ता में अवैध कच्ची शराब, स्मैक और चरस की खुलेआम होम डिलीवरी हो रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले क्षेत्र की महिलाओं ने एक संदिग्ध युवक को रोककर उसकी स्कूटी की तलाशी ली थी, जिसमें कच्ची शराब के कई पाउच बरामद हुए थे। महिलाओं का आरोप था कि युवक लंबे समय से इलाके में शराब की सप्लाई कर रहा था। इसी घटना का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसने पूरे मामले को तूल दे दिया।

इस पूरे घटनाक्रम में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सबसे अधिक सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी न केवल निष्क्रिय बने हुए हैं, बल्कि उनकी कार्यशैली से अवैध कारोबार को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिल रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद न तो प्रभावी छापेमारी की जा रही है और न ही नेटवर्क को तोड़ने के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए हैं।

क्षेत्र में स्मैक और चरस जैसे खतरनाक मादक पदार्थों की बढ़ती पहुंच ने युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि घर-घर तक नशे की डिलीवरी हो रही है, जिससे सामाजिक ताना-बाना बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी ने कड़ा रुख अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और आबकारी आयुक्त से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर अवैध नशा नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और लंबे समय से जमे कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया गया, तो वे एसएसपी कार्यालय और आबकारी आयुक्त कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू करेंगे।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबार को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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