CAA के तहत उत्तराखंड में 153 शरणार्थियों को मिली भारतीय नागरिकता, मोदी-धामी सरकार का बड़ा फैसला

Published: 23 Feb 2026, 08:30 AM   |   Updated: 23 Feb 2026, 08:30 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

सालों से पहचान और सम्मान की तलाश में भटक रहे 153 परिवारों के लिए आखिरकार वह दिन आ गया, जब उन्हें भारत की नागरिकता का अधिकार मिला।

Citizenship Amendment Act के तहत उत्तराखंड में रह रहे पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों के आवेदन स्वीकार कर लिए गए हैं। इनमें पाकिस्तान से आए 147 और अफगानिस्तान से आए 6 लोग शामिल हैं। गृह विभाग की गहन जांच-पड़ताल के बाद भारत सरकार ने इन 153 लोगों को नागरिकता देने का निर्णय लिया।

बताया गया है कि पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर आए कुल 189 लोगों ने आवेदन किया था, जिनमें से 51 आवेदनों पर अभी विचार चल रहा है। अधिकांश परिवार सिंध और बलूचिस्तान क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं। उनके रिश्तेदार देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में रहते हैं, जिसके चलते उन्हें यहां शरण मिली।

संसद से सड़क तक छिड़ी थी बहस

वर्ष 2019 में संसद ने नागरिकता संशोधन विधेयक पारित किया था, जिसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिली। उस समय संसद में भारी बहस और विरोध के बीच गृह मंत्री Amit Shah ने कहा था कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर रहे हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारत में नागरिकता दी जाएगी, क्योंकि ये देश कभी अखंड भारत का हिस्सा रहे हैं।

संशोधन के बाद अब तक देशभर में लगभग 400 लोगों को नागरिकता मिल चुकी है।

अखंड भारत की आस्था से जुड़ा परिवार भी शामिल

जानकारी के अनुसार, अखंड भारत के शक्तिपीठों में से एक माने जाने वाले हिंगलाज माता मंदिर से जुड़े पुजारी परिवार को भी भारत में नागरिकता प्रदान की गई है। वर्षों से अस्थायी पहचान के सहारे जीवन बिता रहे इन परिवारों के लिए यह फैसला सम्मान और सुरक्षा की नई शुरुआत माना जा रहा है।

सीमा जागरण मंच ने निभाई भूमिका

बताया गया है कि Seema Jagran Manch ने इन शरणार्थियों तक पहुंचकर संवाद स्थापित किया, आवेदन भरवाए और गृह विभाग में दर्ज करवाने में सहायता की। इसके बाद जांच एजेंसियों ने विस्तृत सत्यापन किया।

क्या बोले मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि यह निर्णय उन परिवारों की पीड़ा को समाप्त करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जो वर्षों से भारत में रहते हुए भी नागरिकता के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया।

7 मार्च को सम्मान समारोह

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah 7 मार्च को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में नागरिकता प्राप्त करने वाले लोगों का सम्मान किया जाएगा। इसके लिए पात्र परिवारों से संपर्क किया जा रहा है।

इन 153 परिवारों के लिए यह सिर्फ एक कागज़ नहीं, बल्कि पहचान, सुरक्षा और सम्मान की मुहर है। बरसों की प्रतीक्षा के बाद अब वे पूरी तरह से भारतीय कहलाएंगे—और यही उनके संघर्ष की सबसे बड़ी जीत है।

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