Published:
18 Mar 2026, 10:46 AM
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Updated:
18 Mar 2026, 10:47 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
उत्तराखंड के ज्योतिष रत्न आचार्य डा. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ‘दैवज्ञ’ ने चैत्र नवरात्र 2026 की जानकारी साझा की। उनके अनुसार, चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे प्रारंभ होगी और 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे समाप्त होगी। इसलिए इस वर्ष नवरात्रि का आरंभ 19 मार्च 2026 से होगा।
विशेष रूप से इस बार मां दुर्गा डोली (पालकी) पर सवार होकर आएंगी। ज्योतिषीय मतानुसार, डोली पर मां दुर्गा का आगमन जीवन में बड़े बदलाव और महत्वपूर्ण सीखों का संकेत देता है।
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना यानी कलश स्थापना का विशेष महत्व है। इसे सुख, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। इस वर्ष घटस्थापना के दो प्रमुख मुहूर्त हैं:
सुबह: 6:52 बजे से 7:43 बजे तक
दोपहर: 12:05 बजे से 12:53 बजे तक
इस दौरान विधि-विधान से पूजा करने पर विशेष फल की प्राप्ति मानी जाती है।
| दिनांक | दिन | मां की पूजा |
|---|---|---|
| 19 मार्च 2026 | प्रतिपदा | मां शैलपुत्री और घटस्थापना |
| 20 मार्च 2026 | द्वितीया | मां ब्रह्मचारिणी |
| 21 मार्च 2026 | तृतीया | मां चंद्रघंटा |
| 22 मार्च 2026 | चतुर्थी | मां कुष्मांडा |
| 23 मार्च 2026 | पंचमी | मां स्कंदमाता |
| 24 मार्च 2026 | षष्ठी | मां कात्यायनी |
| 25 मार्च 2026 | सप्तमी | मां कालरात्रि |
| 26 मार्च 2026 | अष्ठमी | मां महागौरी (अष्टमी) |
| 27 मार्च 2026 | नवमी | मां सिद्धिदात्री (नवमी) |
ज्योतिषाचार्य ने सभी भक्तों से आह्वान किया है कि इस शुभ अवसर पर पूजा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान विधिपूर्वक करें ताकि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का प्रवाह बना रहे।
