Published:
17 Feb 2026, 12:01 PM
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Updated:
17 Feb 2026, 12:04 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
जनपद चमोली में स्वास्थ्य सेवाओं को हाई-टेक और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने स्पष्ट किया कि यात्रियों और स्थानीय निवासियों की जान बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी ने "जीरो टॉलरेंस" नीति अपनाते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं:
अनिवार्य फिटनेस टेस्ट: यात्रा शुरू होने से पहले आरटीओ (RTO) कर्णप्रयाग के माध्यम से सभी 22 एम्बुलेंस का मैकेनिकल परीक्षण होगा। बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के कोई भी वाहन सड़क पर नहीं उतरेगा।
डिजिटल मॉनिटरिंग: प्रत्येक एम्बुलेंस में GPS प्रणाली सक्रिय रहेगी। इसका सीधा 'लॉग-इन एक्सेस' CMO के पास होगा ताकि रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक की जा सके।
रिस्पॉन्स टाइम में सुधार: कॉल आने और एम्बुलेंस के मौके पर पहुँचने के समय (Response Time) का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाएगा। देरी होने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
टैबलेट और डेटा मैनेजमेंट: मरीजों के डेटा और आपातकालीन समन्वय के लिए सभी एम्बुलेंस को टैबलेट और मोबाइल फोन से लैस किया जाएगा।
DM का संदेश: "जनहित और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि आपात स्थिति में कम से कम समय में चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।"
निष्कर्ष: एक सुरक्षित यात्रा की ओर
चमोली प्रशासन का यह कदम न केवल चारधाम यात्रियों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा, बल्कि जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए भी आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाएगा। डिजिटल ट्रैकिंग और फिटनेस जांच से दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और सेवाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी।
