Published:
17 Feb 2026, 06:20 AM
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Updated:
17 Feb 2026, 06:35 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
हल्द्वानी। शहर का चर्चित निजी अस्पताल 'चंदन हॉस्पिटल' एक बार फिर संगीन आरोपों के घेरे में है। इस बार अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही ने संवेदनशीलता की सारी हदें पार कर दी हैं। अस्पताल के रिकॉर्ड में एक 62 वर्षीय महिला को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि हकीकत में वह अस्पताल के आईसीयू (ICU) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है। इस खुलासे के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
कागजों में 'मौत': 62 वर्षीय हेमा देउपा अस्पताल में भर्ती हैं। जब परिजन उनके दस्तावेज चेक करने पहुंचे, तो फाइल में 15 फरवरी को मृत्यु दर्ज मिली।
परिजनों का आरोप: परिवार का कहना है कि जब मरीज जिंदा है और उसका इलाज चल रहा है, तो अस्पताल ने उसे मृत कैसे दिखा दिया?
पुलिस तक पहुंचा मामला: स्तब्ध परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मामले की जांच में जुट गई है।
यह पहली बार नहीं है जब चंदन हॉस्पिटल की साख पर सवाल उठे हों। इस अस्पताल का विवादों से पुराना नाता रहा है:
शव को 'बंधक' बनाना: पहले भी आरोप लग चुके हैं कि बिल बकाया होने पर अस्पताल ने शव देने से इनकार कर दिया था।
भारी-भरकम बिलिंग: अनावश्यक जांचों और इलाज में लापरवाही के नाम पर मोटी रकम वसूलने के आरोप अक्सर लगते रहे हैं।
धरना-प्रदर्शन: एक पुराने मामले में परिजनों को शव लेने के लिए अस्पताल परिसर में ही धरने पर बैठना पड़ा था, जिसके बाद पुलिस के हस्तक्षेप पर मामला सुलझा।
इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या यह सिर्फ एक 'टाइपिंग मिस्टेक' है या इसके पीछे कोई बड़ा खेल है?
आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में इतनी बड़ी चूक कैसे संभव है?
बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन इस अस्पताल पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?
घटना की जानकारी फैलते ही शहरवासियों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक लोग अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है। फिलहाल, सभी की निगाहें पुलिस की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
