चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ–बद्रीनाथ हेलिकॉप्टर सेवा होगी पहले से ज्यादा सुरक्षित, DGCA–UCADA का नया सेफ्टी ब्लूप्रिंट तैयार

Published: 10 Feb 2026, 07:32 AM   |   Updated: 10 Feb 2026, 07:33 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 के दौरान केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेलिकॉप्टर यात्रा अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित होने जा रही है। वर्ष 2025 की चारधाम यात्रा के दौरान हुए पांच हेलिकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की मौत के बाद उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने मिलकर एक नया ‘सेफ्टी ब्लूप्रिंट’ तैयार किया है।

UCADA के सीईओ एवं आईएएस अधिकारी आशीष चौहान के अनुसार, इस ब्लूप्रिंट में पांच बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनका उद्देश्य हादसों की आशंका को न्यूनतम करते हुए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

पहली बार तय होंगे फिक्स्ड कॉप्टर रूट्स

अब तक घाटियों में विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) के तहत पायलट मौसम और परिस्थिति के अनुसार उड़ान भरते थे। अब पहली बार घाटियों के लिए फिक्स्ड और वर्चुअल कॉप्टर रूट्स तय किए जाएंगे। इन रूट्स पर तय ऊंचाई और दिशा में ही उड़ान की अनुमति होगी, जिससे हवा में टकराव और मानवीय चूक की संभावना बेहद कम हो जाएगी। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने सर्वे शुरू कर दिया है।

हर 10 सेकेंड में मिलेगी लाइव लोकेशन

अब तक हेलिकॉप्टरों की ट्रैकिंग में 2 से 5 मिनट का अंतर रहता था, जो पहाड़ी इलाकों में जोखिम भरा साबित होता है। नए प्लान के तहत हर हेलिकॉप्टर में 4G आधारित लाइव ट्रैकिंग डिवाइस लगाने का प्रस्ताव है, जो हर 10 सेकेंड में लोकेशन अपडेट देगी।
सीईओ आशीष चौहान ने कहा कि DGCA से अनुमति मिलने पर उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा, जहां इतनी सटीक रियल-टाइम ट्रैकिंग लागू की जाएगी।

केदारनाथ हेलिपैड का बदलेगा भूगोल

हेलिकॉप्टर लैंडिंग के दौरान रोटर से नीचे जाने वाली हवा यदि दीवार या खड़ी ढलान से टकराकर ऊपर लौटती है तो संतुलन बिगड़ सकता है। इस खतरे को देखते हुए केदारनाथ हेलिपैड के आसपास की ढलानों में सुधार किया जा रहा है, ताकि हवा का बहाव सुचारू रहे। वहीं बद्रीनाथ हेलिपैड का भी विस्तार किया जा रहा है।

पोर्टेबल ATC टावर और एयरफोर्स जैसी निगरानी

पर्वतीय क्षेत्रों में बदलते मौसम की सटीक निगरानी के लिए केदारनाथ, बद्रीनाथ, सिरसी और झालड़ा में पांच नए वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। यहां पोर्टेबल एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर लगाए जाएंगे, जो हल्के और मूवेबल होंगे।
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के नॉर्दन एरिया कंट्रोल सेंटर की तर्ज पर एयरफोर्स के रडार सिस्टम से भी निगरानी की तैयारी की जा रही है।

वजन के नाम पर वसूली नहीं, सख्त नियम

ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ के लिए सख्त पॉलिसी बनाई जाएगी। वजन मापने से लेकर बोर्डिंग तक पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में होगी। यात्रियों को परेशान करने पर संबंधित ऑपरेटर का टेंडर रद्द किया जा सकता है।
इसके अलावा सहस्त्रधारा हेलिपैड और केदारनाथ बेस कैंप समेत प्रमुख हेलिपैडों पर पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग (PTB) बनाई जा रही हैं, जहां एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा जांच और वेटिंग एरिया की सुविधा मिलेगी।

किराया नहीं बढ़ेगा, बुकिंग IRCTC से ही

UCADA ने स्पष्ट किया है कि हेलिकॉप्टर किराए में किसी तरह की बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है। टिकट बुकिंग व्यवस्था पहले की तरह IRCTC के माध्यम से ही जारी रहेगी।

‘यात्री की जान से बढ़कर कोई मुनाफा नहीं’

UCADA के सीईओ आशीष चौहान ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा,
“यात्री की जान से बढ़कर कोई मुनाफा नहीं है।”

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