Published:
31 Mar 2026, 11:29 AM
|
Updated:
31 Mar 2026, 11:34 AM
Category:
उत्तराखंड
|
By: Admin
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान कठिन परिस्थितियों में अपनी सेवाएं देने वाले फार्मेसी अधिकारी अब अपने ही हक के भुगतान के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ड्यूटी पूरी कर लौटने के बावजूद उन्हें अब तक न तो प्रोत्साहन राशि मिली है और न ही यात्रा भत्ता, जिससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है।
इस मुद्दे को लेकर डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन कुमाऊं मंडल के पदाधिकारियों ने दीपक रावत (कुमाऊं आयुक्त) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2024 और 2025 की चारधाम यात्रा के दौरान नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और चंपावत से भेजे गए फार्मेसी अधिकारियों ने रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जैसे दुर्गम इलाकों में तैनात रहकर यात्रियों को स्वास्थ्य सेवाएं दीं।
एसोसिएशन के अनुसार इन कर्मचारियों ने खराब मौसम, लंबी ड्यूटी और सीमित संसाधनों के बीच अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन उन्हें अब तक उनके हक का भुगतान नहीं मिला है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि यात्रा ड्यूटी से जुड़े भत्तों की कुल बकाया राशि 19,71,382 रुपये है, जो लंबे समय से लंबित पड़ी है।
पदाधिकारियों ने आयुक्त से मांग की है कि संबंधित विभागों को शीघ्र निर्देश देकर बकाया भत्तों का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए, ताकि कर्मचारियों का मनोबल बना रहे और भविष्य में भी वे इसी समर्पण के साथ सेवाएं देते रहें।
इस दौरान पवन पांडे (प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष), प्रेम शंकर सिंह (मंडलीय सचिव) और दिगंबर सिंह रावत (मंडलीय कोषाध्यक्ष) सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
