धामी का 'एक्शन' मोड: हरिद्वार की चौपाल में ऑन-द-स्पॉट समाधान, लापरवाह अफसरों को दो टूक- 'फाइलें नहीं, अब मैदान बोलेगा'

Published: 17 Feb 2026, 06:02 AM   |   Updated: 17 Feb 2026, 06:06 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों पूरी तरह 'एक्शन मोड' में नजर आ रहे हैं। हरिद्वार ग्रामीण के ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली), श्यामपुर कांगड़ी में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने न केवल जनता की समस्याएं सुनीं, बल्कि लापरवाह अधिकारियों की क्लास भी लगाई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि अब सरकार देहरादून के सचिवालय की फाइलों में नहीं, बल्कि गांव की पगडंडियों और मैदानों में काम करेगी।

प्रमुख अंश: जो आपको जानना चाहिए

  • मौके पर फैसला: चौपाल में आए प्रार्थना पत्रों का मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया और डीएम को निर्देश दिए कि एक भी समस्या लंबित न रहे।

  • अफसरों को चेतावनी: लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को दो टूक कहा— "जनता की शिकायतों पर देरी अब स्वीकार्य नहीं होगी।"

  • संवाद का सेतु: सीएम ने खुद को 'मुख्य सेवक' बताते हुए कहा कि प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचना होगा, न कि जनता को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे।

'मुख्य सेवक' के कड़े तेवर: "कोई शिकायत अनसुनी नहीं रहेगी"

चौपाल के दौरान ग्राम प्रधानों और स्थानीय नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखीं। सीएम धामी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए हर व्यक्ति की बात सुनी। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि जिन समस्याओं का निस्तारण तुरंत संभव है, उन्हें 24 घंटे के भीतर हल किया जाए।

"मुख्य सेवक की चौपाल कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, यह हमारी जवाबदेही का जीवंत प्रमाण है। हमारा संकल्प है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचे।"पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड: युवाओं और किसानों पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को भी जनता के सामने रखा:

  1. रोजगार की बहार: सीएम ने बताया कि अब तक 28,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है।

  2. UCC का ऐतिहासिक कदम: समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय के लिए एक साहसिक और दूरदर्शी निर्णय बताया।

  3. किसान और मातृशक्ति: सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने 'डबल इंजन' सरकार की ताकत बताई।

विकास की नई इबारत: हरिद्वार ग्रामीण का कायाकल्प

हरिद्वार के विकास पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार करने की बात दोहराते हुए कहा कि तकनीक के माध्यम से व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया है।

निष्कर्ष: विकल्प रहित संकल्प

मुख्यमंत्री ने अंत में भावुक अपील करते हुए कहा कि जनता का स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को वे जनता के सहयोग से निश्चित रूप से पूरा करेंगे।

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