Published:
26 Feb 2026, 12:34 PM
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Updated:
26 Feb 2026, 12:36 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
बिलखेत (पौड़ी गढ़वाल)। नयार घाटी की शांत वादियों में अब रोमांच की गूंज सुनाई देगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को बिलखेत में 'नयार वैली फेस्टिवल' का विधिवत शुभारंभ कर घाटी की पर्यटन और सांस्कृतिक संभावनाओं को वैश्विक पहचान दिलाने की ऐतिहासिक पहल की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग और हॉट एयर बैलून सहित विभिन्न साहसिक गतिविधियों का शुभारंभ किया।
घोषणाओं की बौछार: पर्यटन और आस्था का संगम मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए पिटारा खोलते हुए नयार घाटी में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की घोषणा की। इसके अलावा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पोखड़ा के रसलवाँण दीवा मंदिर, बीरोंखाल के कालिंका मंदिर, एकेश्वर महादेव और पाबौ के चम्पेश्वर महादेव मंदिर में सौंदर्यीकरण व विकास कार्यों का ऐलान किया।
'जन-जन की सरकार' के जरिए द्वार तक पहुंच रहा विकास संबोधन के दौरान सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। उन्होंने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे प्रशासन हर न्याय पंचायत में पहुँचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। मुख्यमंत्री ने पौड़ी के ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट को हेरिटेज के रूप में संरक्षित करने और एनसीसी अकादमी व एनआईटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए जिले के समग्र विकास का रोडमैप भी पेश किया।
साहस और स्वरोजगार का उत्सव पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि नयार वैली फेस्टिवल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड को विश्व के प्रमुख 'एडवेंचर डेस्टिनेशन' के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता है। महोत्सव में पैरामोटरिंग, जिपलाइन और रिवर्स बंजी जैसी गतिविधियों ने युवाओं में नया उत्साह भर दिया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान साइक्लिस्टों, एंगलरों और स्थानीय महिला समूहों से संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया।
मंच पर दिखा मानवीय चेहरा मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात की। उन्होंने करिश्मा और सलोनी को महालक्ष्मी किट प्रदान की, योगिता की गोदभराई की रस्म पूरी की और दिव्यांगों को उपकरण वितरित कर सरकार की संवेदनशीलता का परिचय दिया।
साहसिक खेल: नयार घाटी में स्थायी पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र।
धार्मिक पर्यटन: दीवा मंदिर, कालिंका मंदिर, एकेश्वर महादेव और चम्पेश्वर महादेव मंदिरों का विकास।
अवसंरचना: श्रीनगर एनआईटी (₹650 करोड़) और खोह नदी एसटीपी (₹135 करोड़) के कार्यों में तेजी।
रोजगार: सतपुली झील, माउंटेन म्यूजियम और तारामंडल परियोजनाओं से नए अवसर।
