सशक्त बेटी, समृद्ध उत्तराखंड: सीएम धामी ने 33,251 बेटियों के खातों में ट्रांसफर किए ₹145.93 करोड़; कहा- सरकारी सेवाओं में 30% आरक्षण से बदला कार्यक्षेत्र का परिदृश्य

Published: 26 Feb 2026, 10:56 AM   |   Updated: 26 Feb 2026, 10:59 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

देहरादून। "बेटियां बोझ नहीं, हमारे घर की लक्ष्मी और प्रदेश का गौरव हैं।" इसी संकल्प के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान नंदा गौरा योजना के लाभार्थियों को करोड़ों की सौगात दी। सीएम ने एक क्लिक के माध्यम से प्रदेश की 33,251 बालिकाओं के बैंक खातों में 1 अरब 45 करोड़ 93 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित की।

जन्म से लेकर डिग्री तक सरकार का साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव मिटाने के लिए यह योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। योजना के लाभ का गणित समझाते हुए उन्होंने बताया:

  • जन्म के समय: बेटी के जन्म पर खुशियां मनाने के लिए सरकार 11 हजार रुपए देती है।

  • 12वीं पास होने पर: उच्च शिक्षा की राह आसान करने के लिए सरकार 51 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने गौरव के साथ साझा किया कि अब तक राज्य की 3.77 लाख से अधिक बेटियों को कुल 11 अरब 68 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद पहुँचाई जा चुकी है।

30% आरक्षण से मजबूत हुई महिलाओं की स्थिति रोजगार के क्षेत्र में उत्तराखंड की बेटियों की बढ़ती धमक का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के फैसले ने महिलाओं की स्थिति को नई मजबूती दी है। उन्होंने कहा, "आज सरकारी कार्यालयों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से कार्य संस्कृति में गुणात्मक सुधार आया है और वे अधिक पारदर्शिता व संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही हैं।"

लखपति दीदी से लेकर भ्रूण हत्या पर प्रहार मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नंदा गौरा योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का हथियार है। यह योजना कन्या भ्रूण हत्या को रोकने, संस्थागत प्रसव (अस्पताल में जन्म) को बढ़ाने और लैंगिक असमानता को जड़ से खत्म करने में सफल रही है। साथ ही, 'लखपति दीदी' योजना के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने दी बधाई कार्यक्रम में मौजूद महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्य ने जानकारी दी कि इस वर्ष लाभ पाने वाली बेटियों में 5913 नवजात हैं, जबकि 27,338 बालिकाओं को इंटरमीडिएट पास करने पर यह प्रोत्साहन राशि मिली है। उन्होंने सभी लाभार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में उपस्थिति: इस अवसर पर सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा सहित विभाग के तमाम अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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