खटीमा में सीएम धामी के संग जमी 'होली की महफिल': कुमाऊंनी और थारू गीतों पर थिरके कदम, बोले- 'खटीमा मेरा घर, यहाँ के लोग मेरा परिवार'

Published: 28 Feb 2026, 07:06 AM   |   Updated: 28 Feb 2026, 07:11 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

खटीमा (ऊधमसिंह नगर): सरहद के द्वार खटीमा में शनिवार को रंगों का उल्लास अपने चरम पर रहा, जब सूबे के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी अपनों के बीच होली खेलने पहुंचे। सनातन धर्मशाला रामलीला मैदान में आयोजित होली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री ने न केवल शिरकत की, बल्कि पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर कुमाऊंनी और थारू होली गायन में भाग लेकर उत्सव का उत्साह दोगुना कर दिया।

'खटीमा मेरा घर है और यहाँ के लोग मेरा परिवार'

जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, "खटीमा मेरा घर है और यहाँ का हर निवासी मेरा परिवार है। शासन की व्यस्तताओं के बीच जब भी अपने परिवारजनों के बीच आता हूँ, तो मन को असीम शांति और ऊर्जा मिलती है।" उन्होंने खटीमा की विविधता की सराहना करते हुए इसे 'मिनी इंडिया' की संज्ञा दी, जहाँ हर धर्म और समुदाय के लोग आपसी सौहार्द के साथ रहते हैं।

सांस्कृतिक विरासत और महिला शक्ति पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लोक संस्कृति और परंपराएं ही हमारी असली पहचान हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी से अपनी जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया। साथ ही, मातृशक्ति को नमन करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) का उल्लेख करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

परंपरा और आधुनिकता का संगम

कार्यक्रम के दौरान रामलीला मैदान रंगों से सराबोर दिखा। सीएम धामी ने स्थानीय नागरिकों के साथ अबीर-गुलाल खेलकर खुशियां बांटीं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने के लिए सभी से एकजुट होकर योगदान देने की अपील की।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति: समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री मंजीत सिंह, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, एसएसपी अजय गणपति समेत शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और हजारों की संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।          

खास बात: मुख्यमंत्री ने इस दौरान थारू जनजाति की पारंपरिक होली का भी आनंद लिया, जो खटीमा की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करती है।

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