पहाड़ों को मिलेगी नई रफ्तार: एस्केप टनल बनेंगी पैरेलल रोड, कर्णप्रयाग-बागेश्वर रेल विस्तार पर सीएम के निर्देश

Published: 11 Feb 2026, 11:45 AM   |   Updated: 11 Feb 2026, 11:48 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

देहरादून। वर्षों से पहाड़ की जनता जिस रेल कनेक्टिविटी का सपना देख रही है, उसे गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की निर्माणाधीन और प्रस्तावित रेल परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि रेल टनलों के साथ बनने वाली एस्केप टनलों को भविष्य में समानांतर सड़कों (पैरेलल रोड्स) के रूप में विकसित करने की ठोस योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में निर्मित एस्केप टनल केवल सुरक्षा का साधन भर न रहें, बल्कि भविष्य में पहाड़ की जीवनरेखा बन सकें—इस दिशा में अभी से कार्ययोजना तैयार की जाए। 

कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल विस्तार पर मंथन

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल लाइन के विस्तार की संभावनाओं पर गंभीरता से काम किया जाए। यह विस्तार न केवल कुमाऊं और गढ़वाल को बेहतर जोड़ेगा, बल्कि सीमांत जिलों के विकास को भी नई दिशा देगा।

टनकपुर-बागेश्वर परियोजना को मिले राष्ट्रीय दर्जा

टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का आग्रह किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्र को जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्गों पर भी विचार किया जाए, ताकि अधिकतम जनता को इसका लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि यह केवल रेल परियोजना नहीं, बल्कि पहाड़ के युवाओं, व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों के सपनों की डोर है। 

रेलवे स्टेशन बनेंगे विकास के नए केंद्र

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रेलवे स्टेशन केवल यातायात का माध्यम नहीं होंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के नए केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे।

  • स्टेशनों के आसपास इंटीग्रेटेड प्लान तैयार होगा।

  • स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय उत्पाद बेचने की विशेष व्यवस्था मिलेगी।

  • होमस्टे और स्वरोजगार योजनाओं के लिए लोगों को अभी से प्रेरित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन रेलवे स्टेशनों के आसपास के गांवों, कस्बों, धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए भी रोडमैप तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में बड़ी संख्या में आने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। 

72.5% काम पूरा, टनल निर्माण 95% से अधिक

बैठक में बताया गया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का 72.5 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि टनल निर्माण का 95.30 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।

परियोजना में कुल 28 टनल हैं—16 मुख्य और 12 एस्केप टनल।

रेलवे स्टेशनों का निर्माण उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति को दर्शाने वाली थीम पर किया जा रहा है, जिनमें नीलकंठ महादेव, समुद्र मंथन, केदारनाथ, बद्रीनाथ और मां धारी देवी जैसी थीम शामिल हैं।

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