Published:
01 Mar 2026, 04:25 PM
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Updated:
01 Mar 2026, 04:26 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने वनाग्नि (जंगल की आग) को रोकने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए अपनी कमर कस ली है। फील्ड डायरेक्टर के निर्देशन में ढेला रेंज के रेंजर भानु प्रकाश हरबोला की अध्यक्षता में ईडीसी ग्राम हाथीडगर में एक विशेष जन जागरूकता बैठक और अग्नि सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया।
'जंगल में प्रवेश न करें, सुरक्षा को प्राथमिकता दें' बैठक में रेंजर हरबोला ने सेमलखलिया और हाथीडगर के ग्रामीणों से कड़े शब्दों में अपील की कि वर्तमान में चल रहे 'फायर सीजन' के मद्देनजर लकड़ी या चारा-पत्ती एकत्र करने के लिए वन क्षेत्र में प्रवेश न करें। उन्होंने कहा कि सूखी पत्तियों के कारण आग फैलने का खतरा सबसे ज्यादा है और ऐसे में वन क्षेत्र में जाना जान जोखिम में डाल सकता है। साथ ही, वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों को सचेत किया गया।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की संयुक्त पहल गोष्ठी में ग्राम प्रधान रेनू भंडारी, विभिन्न ईडीसी (ईको डेवलपमेंट कमेटी) के अध्यक्षों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। रेंजर हरबोला ने कहा कि जंगल सुरक्षित रहेगा, तभी मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा। बैठक में तारादत्त बेलवाल, जगतसिंह रावत सहित कई ग्रामीण और विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
