Published:
28 Feb 2026, 05:36 PM
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Updated:
28 Feb 2026, 05:39 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
वन विभाग और ग्रामीणों के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। अब हर माह के अंतिम शनिवार को वन क्षेत्रों से सटे गांवों के लिए “प्रभाग दिवस” आयोजित किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोग अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सकें और उनका त्वरित समाधान हो सके।
इसी क्रम में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के बिजरानी रेंज से सटे गांवों और खत्तों के ग्रामीणों के लिए रिंगौड़ा वन परिसर में प्रभाग दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याएं सुनना और वन विभाग तथा गांवों के बीच समन्वय को मजबूत बनाना रहा।
पार्क वार्डन बिन्दर पाल ने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को बताया कि प्रभाग दिवस वन विभाग और स्थानीय समुदाय के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम है, जहां वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोग अपनी समस्याएं रख सकते हैं और विभागीय अधिकारी मौके पर समाधान का प्रयास करते हैं।
बैठक में आमडंडा और रिंगौड़ा खत्ता के ग्रामीणों ने बिजली, पेयजल और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी की समस्या उठाई। अधिकारियों ने इन समस्याओं के समाधान के लिए नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस दौरान बिजरानी रेंज के रेंजर नवीन चन्द्र पाण्डे ने ग्रामीणों से अपील की कि वे घरों के आसपास कूड़ा न जलाएं, क्योंकि इससे वनाग्नि फैलने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि काल में जंगल और वन्यजीवों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और आग लगने की किसी भी घटना की सूचना तुरंत वन चौकी को दें।
मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए भी ग्रामीणों से विशेष आग्रह किया गया कि वे भोजन, अनाज या कचरा खुले में न फेंकें, क्योंकि इससे जंगली जानवर आबादी की ओर आकर्षित होते हैं और उनके पीछे बाघ-गुलदार जैसे शिकारी जानवर भी गांवों तक पहुंच जाते हैं। वन्यजीव दिखने पर घबराने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य दीप चंद्र, नवीन चन्द्र पपनै, रवि थपलियाल, विक्रम भट्ट, एडवोकेट भूपेंद्र सिंह चौहान, मानसी अरोरा, प्रमोद कुमार सत्यवली, प्रमोद डोर्बी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने भी वन संरक्षण और आग से बचाव में विभाग को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया। “प्रभाग दिवस” पहल को वन-ग्राम साझेदारी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
