देहरादून: 8 साल से लापता पति, 5 बच्चों की जिम्मेदारी… मीना ठाकुर की मदद को आगे आया प्रशासन, CSR फंड से ₹1 लाख सहायता

Published: 14 Mar 2026, 07:45 AM   |   Updated: 14 Mar 2026, 07:47 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

देहरादून में आर्थिक और पारिवारिक संकट से जूझ रही दो महिलाओं के लिए जिला प्रशासन सहारा बनकर सामने आया है। प्रशासन ने मानवीय पहल करते हुए CSR फंड से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है, जिससे दोनों परिवारों को राहत मिली है।

8 वर्षों से लापता है पति

मीना ठाकुर की जिंदगी पिछले कई वर्षों से संघर्षों से घिरी हुई है। उनके पति पिछले 8 वर्षों से लापता हैं, जिसके बाद से पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई।

मीना के पांच बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां दिव्यांग हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद वह बच्चों की परवरिश और शिक्षा की जिम्मेदारी निभा रही हैं।

जिला प्रशासन ने उनकी पीड़ा को समझते हुए CSR फंड से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। इससे पहले प्रशासन ने ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत उनकी तीन बेटियों की शिक्षा को भी पुनर्जीवित करने में मदद की थी।

अमृता के परिवार को भी मिली मदद

इसी तरह अमृता नामक महिला, जो दो बच्चों की परित्यक्ता मां हैं, गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही थीं।

उनका बड़ा बेटा मानसिक विकार से ग्रसित है, जबकि छोटे बेटे की पढ़ाई आर्थिक तंगी के कारण संकट में पड़ गई थी। स्थिति इतनी खराब हो गई कि स्कूल ने फीस न देने के कारण बच्चे को और मकान मालिक ने अमृता को घर से बाहर निकाल दिया।

ऐसे कठिन समय में जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें भी CSR फंड से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली।

जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रशासन तत्पर

जिला प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में असहाय, दिव्यांग, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रशासन की इस पहल से यह संदेश गया है कि कठिन परिस्थितियों में भी जरूरतमंद नागरिकों के साथ सरकार और प्रशासन खड़ा है।

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