Published:
02 Mar 2026, 01:18 PM
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Updated:
02 Mar 2026, 01:23 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
देहरादून के कैंट क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क परियोजना के लिए पेड़ों के कटान के विरोध में शहरी संगठनों ने 9 मार्च से चिपको आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। संगठनों का कहना है कि पेड़ों की लगातार कटाई से शहर का पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है और तापमान व प्रदूषण दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं।
संगठनों ने बताया कि जून 2024 में देहरादून में 43 डिग्री तक पहुंची भीषण गर्मी के तुरंत बाद हजारों नागरिकों ने कैंट रोड परियोजना के लिए लगभग 250 पेड़ों के कटान के खिलाफ मार्च किया था। उस समय सरकार ने आश्वासन दिया था कि कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा।
हालांकि अब फिर से उसी योजना को लागू करने की तैयारी की जा रही है। संगठनों के अनुसार फिलहाल 17 पेड़ों को काटा जा रहा है और आगे बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान की आशंका है।
उन्होंने कहा कि देहरादून में हर वर्ष प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। मार्च की शुरुआत में ही अप्रैल जैसी गर्मी महसूस होने लगी है, जो भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट का संकेत है।
संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि मसूरी मार्ग और अन्य सड़कों के चौड़ीकरण के नाम पर पहले ही हजारों पेड़ काटे जा चुके हैं, जिससे पहाड़ी पारिस्थितिकी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शहरी संगठनों ने घोषणा की है कि 9 मार्च से प्रतिदिन कम से कम पांच सदस्य कैंट रोड पर पेड़ों से चिपककर शांतिपूर्ण चिपको आंदोलन करेंगे, ताकि पेड़ कटान को रोका जा सके और सरकार को अपने पुराने आश्वासन की याद दिलाई जा सके।
