Published:
14 Mar 2026, 07:39 AM
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Updated:
14 Mar 2026, 07:40 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कुत्तों के बढ़ते हमलों को देखते हुए नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। अब शहर में ‘डॉग पॉलिसी 2025’ लागू कर दी गई है, जिसके तहत पालतू कुत्तों के मालिकों के लिए कई नियम अनिवार्य कर दिए गए हैं।
नगर निगम के अनुसार पालतू कुत्तों का पंजीकरण, नसबंदी और टीकाकरण अब अनिवार्य होगा। यदि कोई मालिक इन नियमों का पालन नहीं करता है तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
नई गाइडलाइंस के तहत पिटबुल, रॉटवीलर, डोगो अर्जेंटीनो और अमेरिकन बुलडॉग जैसी आक्रामक नस्लों के लिए नियम और भी कड़े कर दिए गए हैं।
यदि इन नस्लों के कुत्तों का पंजीकरण और नसबंदी नहीं कराई गई, तो मालिक को प्रति कुत्ता 20,000 रुपये तक का जुर्माना भरना होगा।
वहीं सामान्य नस्ल के कुत्तों का पंजीकरण न कराने पर 5,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि इस नीति को आम जनता और पशु कल्याण संस्थाओं के सुझावों के बाद अंतिम रूप दिया गया है।
नई नीति में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की भी जिम्मेदारी तय की गई है ताकि कॉलोनियों में पालतू और आवारा कुत्तों का बेहतर प्रबंधन हो सके।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने पालतू कुत्ते को लावारिस छोड़ता है, तो उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा और एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।
हाल ही में सहस्त्रधारा रोड पर एक आवारा कुत्ते द्वारा जीआरपी सिपाही समेत कई लोगों पर हमले की घटना सामने आई थी। इससे पहले भी जाखन क्षेत्र में कुत्तों के हमले के मामले सामने आ चुके हैं।
इन घटनाओं के बाद नगर निगम ने इस नीति को सख्ती से लागू करने का फैसला किया।
नई नीति के तहत अब पेट शॉप, ब्रीडिंग फार्म और डॉग केयर सेंटर्स के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
मेयर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामी बंसल ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण अवश्य करा लें।
