Published:
28 Feb 2026, 06:55 AM
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Updated:
28 Feb 2026, 07:46 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
देहरादून में नर्सिंग भर्ती को लेकर युवाओं का सब्र अब टूटने की कगार पर है। 86 दिनों से शांतिपूर्ण धरना दे रहे नर्सिंग अधिकारियों ने ऐलान किया है कि यदि उनकी वर्षवार भर्ती की मांग जल्द पूरी नहीं हुई, तो 8 मार्च — अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस — को बहल चौक से मुख्यमंत्री आवास तक विशाल रैली निकाली जाएगी। यह रैली सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित भर्ती और अनिश्चित भविष्य के खिलाफ आवाज मानी जा रही है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी और नियमों में बार-बार बदलाव ने हजारों प्रशिक्षित नर्सिंग युवाओं को इंतजार में रोक रखा है। उनका आरोप है कि पिछली भर्तियों में पारदर्शिता की कमी और प्रक्रियागत खामियों के कारण कई योग्य उम्मीदवार अवसर से वंचित रह गए। अपनी समस्याओं को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से भी मुलाकात की, लेकिन समाधान अब तक नहीं निकल सका।
शनिवार को आंदोलन 86वें दिन में प्रवेश कर गया, और धरना स्थल पर असंतोष साफ दिखाई दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक पुराने बैचों को वर्षवार भर्ती के आधार पर अवसर नहीं मिलेगा, तब तक नई भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष नहीं माना जा सकता। लंबे समय से खाली पड़े पदों को भी वर्षवार क्रम से भरने की मांग दोहराई गई है।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। 8 मार्च की रैली को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और बड़ी संख्या में नर्सिंग अभ्यर्थियों के जुटने की संभावना है। धरना स्थल पर नवल पुंडीर, विकास पुंडीर, प्रवेश रावत, भास्कर, प्रीति धीमान, पपेंद्र, राणा, कुलदीप, सुभाष रावत, शिरा बंधानी और भारती सहित कई बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी मौजूद रहे।
