Published:
07 Apr 2026, 06:42 AM
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Updated:
07 Apr 2026, 06:43 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
भागदौड़ भरी जिंदगी में स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और कंप्यूटर का बढ़ता उपयोग अब लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रहा है। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर चिकित्सकों ने “डिजिटल डिटॉक्स” अपनाने की सलाह दी है, जिससे चिंता, तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं को कम किया जा सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार लगातार स्क्रीन पर समय बिताने से दिमाग पर दबाव बढ़ता है, जिससे अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और मानसिक थकान जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में डिजिटल डिटॉक्स यानी तकनीक का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी हो गया है। इसका मतलब पूरी तरह दूरी बनाना नहीं, बल्कि दिन में कुछ समय मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर रहकर खुद के लिए समय निकालना है। इससे मानसिक शांति मिलती है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है।
मनो चिकित्सक डॉ आशीष सिंह का कहना है कि रात में सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग बंद कर देना चाहिए, ताकि दिमाग को आराम मिल सके। इसके अलावा परिवार के साथ समय बिताना, किताब पढ़ना, योग और ध्यान जैसी आदतें अपनाना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक सोशल मीडिया उपयोग से तुलना और नकारात्मक सोच बढ़ती है, जिससे अवसाद का खतरा भी बढ़ जाता है। जिला अस्पताल के मन कक्ष प्रभारी डॉ आशीष सिंह ने बताया कि आजकल लोग 10 घंटे से भी अधिक समय स्क्रीन पर बिता रहे हैं, जिससे तनाव, चिंता और हीनभावना जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
डिजिटल डिटॉक्स अपनाकर न केवल मानसिक शांति प्राप्त की जा सकती है, बल्कि एकाग्रता में सुधार और रिश्तों में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
