Published:
17 Feb 2026, 08:27 AM
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Updated:
17 Feb 2026, 08:28 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
हल्द्वानी। शहर में सीवरेज, नालियों और सड़कों के निर्माण का जिम्मा संभाले बैठी संस्था UUSDA (एशियन डेवलपमेंट बैंक-ADB की कार्यकारी संस्था) के खिलाफ अब जनता का आक्रोश फूटने लगा है। सोमवार को कांग्रेस नेता ललित जोशी के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी कि यदि शहर की 'सर्जरी' के नाम पर छोड़े गए गड्ढे जल्द नहीं भरे गए, तो हल्द्वानी एक बड़े जन-आंदोलन का गवाह बनेगा।
2 साल का वनवास: ललित जोशी ने कहा कि शहर पिछले दो सालों से विकास के नाम पर 'खोद' दिया गया है, लेकिन अब तक मात्र 40 फीसदी काम भी पूरा नहीं हो सका है।
महामारी का डर: आरोप लगाया कि नालियां चोक हैं और सड़कों पर जलभराव हो रहा है। आगामी मानसून में शहर में गंभीर महामारी फैलने की आशंका है।
क्वालिटी पर सवाल: सड़कों और सीवरेज के काम में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता मानकों के विपरीत है।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि शहर की आंतरिक सड़कें महीनों से खुदी पड़ी हैं।
रास्ते बंद: कई मोहल्लों में गलियां इस कदर खुदी हैं कि लोगों की गाड़ियां सालों से घरों के अंदर ही बंद हैं।
अनदेखी: ठेकेदार काम छोड़कर गायब हैं और पूछने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
धूल और कीचड़: खुदी सड़कों के कारण बुजुर्गों और बच्चों को सांस की बीमारी और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि UUSDA के अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने मांग की कि:
तत्काल सड़कों का पैचवर्क और डामरीकरण शुरू हो।
चोक पड़ी नालियों की सफाई कराई जाए ताकि जलभराव न हो।
निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच की जाए।
"हल्द्वानी की जनता अब और बर्दाश्त नहीं करेगी। विकास के नाम पर भ्रष्टाचार और जनता को प्रताड़ित करने का खेल बंद होना चाहिए। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो हम चक्का जाम करने को मजबूर होंगे।" — ललित जोशी, कांग्रेस नेता
हल्द्वानी को स्मार्ट बनाने का दावा करने वाला ADB प्रोजेक्ट फिलहाल शहरवासियों के लिए जी का जंजाल बन गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस चेतावनी के बाद हरकत में आता है या जनता को खुदी हुई सड़कों के बीच ही मानसून का सामना करना पड़ेगा।
