हल्द्वानी में गरजा नगर निगम का पीला पंजा: राजपुरा में नजूल की कीमती जमीन पर दोबारा कब्जे की कोशिश नाकाम; नगर आयुक्त ने खुद मौके पर खड़े होकर ढहाया अवैध गेट

Published: 19 Feb 2026, 07:29 AM   |   Updated: 19 Feb 2026, 07:47 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

हल्द्वानी। शहर में सरकारी जमीनों पर गिद्ध दृष्टि जमाए बैठे भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों को नगर निगम ने कड़ा संदेश दिया है। बुधवार को राजपुरा क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब नगर आयुक्त परितोष वर्मा लाव-लश्कर के साथ अवैध कब्जे वाली जगह पर पहुंच गए। मामला उस जमीन का था जिसे निगम ने बड़ी मशक्कत के बाद ढाई साल पहले मुक्त कराया था।

निरीक्षण के दौरान खुली पोल, पार्किंग बनाने की थी तैयारी

नगर आयुक्त परितोष वर्मा बुधवार को राजपुरा स्थित अस्थायी गोशाला का रूटीन निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी बीच जागरूक स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि पास की बेशकीमती नजूल भूमि पर फिर से कब्जा शुरू हो गया है। बताया गया कि लगभग 2100 वर्गफुट जमीन को घेरकर उस पर दीवार खड़ी कर दी गई है और बड़ा गेट लगाकर उसे निजी पार्किंग बनाने की साजिश रची जा रही है।

अधिकारियों से उलझा अतिक्रमणकारी, पर निगम के आगे न चली एक

सूचना मिलते ही जब निगम की टीम बुलडोजर (जेसीबी) के साथ पहुंची, तो कब्जा करने वाले व्यक्ति ने कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। मौके पर तीखी नोकझोंक भी हुई, लेकिन नगर आयुक्त के सख्त तेवरों के आगे अतिक्रमणकारी की एक न चली। अधिकारियों ने दो टूक कह दिया कि "सरकारी जमीन किसी की बपौती नहीं है"। इसके बाद देखते ही देखते निगम की टीम ने अवैध दीवार और गेट को जमींदोज कर दिया।

नगर आयुक्त की चेतावनी: "दोबारा कब्जा किया तो होगी जेल"

कार्रवाई के बाद नगर आयुक्त ने अधीनस्थ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में जहां भी नजूल भूमि चिह्नित है, वहां 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाए। उन्होंने कहा:

"सार्वजनिक भूमि शहर के विकास के लिए है। जो लोग दोबारा कब्जा करने का दुस्साहस कर रहे हैं, उन पर अब सिर्फ ध्वस्तीकरण नहीं, बल्कि भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई (FIR) भी की जाएगी।"

मौके पर मौजूद रही टीम

ध्वस्तीकरण की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान सहायक लेखाधिकारी गणेश भट्ट, सफाई निरीक्षक अमोल असवाल और निगम के प्रवर्तन दल के जवान मुस्तैद रहे। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान थमने वाला नहीं है और शहर के अन्य हिस्सों में भी अवैध निर्माणों की लिस्ट तैयार कर ली गई है।

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