हल्द्वानी में 'स्मार्ट मीटर पखवाड़ा' की धूम: बिजली उपभोक्ताओं के हर सवाल का मिलेगा जवाब; 20 फरवरी को बड़ी कार्यशाला, SE बोले- 'भ्रांतियां दूर करना ही लक्ष्य'

Published: 19 Feb 2026, 08:23 AM   |   Updated: 19 Feb 2026, 08:24 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

हल्द्वानी। बिजली चोरी और बिलिंग की गड़बड़ियों को रोकने के लिए लागू की जा रही स्मार्ट मीटर योजना को लेकर विद्युत विभाग अब आर-पार के मूड में है। देशव्यापी अभियान के तहत हल्द्वानी में 'स्मार्ट मीटर पखवाड़ा' (9 फरवरी से 23 फरवरी) जोरों पर है। विभाग अब घर-घर जाकर यह बताने की कोशिश कर रहा है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ता के लिए 'दुश्मन' नहीं, बल्कि एक पारदर्शी 'मित्र' है।

20 फरवरी को सजेगी बड़ी 'पंचायत'

विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता (SE) रवि कुमार राजौरा ने बताया कि अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव 20 फरवरी को होगा। कुमाऊं क्षेत्र के मुख्य अभियंता कार्यालय के मीटिंग हॉल में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें जनप्रतिनिधियों, मीडिया और आम जनता को आमने-सामने बिठाकर स्मार्ट मीटर के तकनीकी पहलुओं को समझाया जाएगा।

अभियान के मुख्य बिंदु:

  • त्वरित निस्तारण: शिविरों के माध्यम से उन शिकायतों का मौके पर समाधान किया जा रहा है, जिन्हें लेकर उपभोक्ता अक्सर परेशान रहते हैं।

  • भ्रांतियों पर प्रहार: 'मीटर तेज चलता है' या 'रीडिंग ज्यादा आती है' जैसी आशंकाओं को दूर करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ डेमो देंगे।

  • जनप्रतिनिधियों का साथ: विभाग ने स्थानीय नेताओं से अपील की है कि वे जनता और विभाग के बीच सेतु का काम करें।

अधीक्षण अभियंता की अपील

"हमारा उद्देश्य केवल मीटर बदलना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना है। स्मार्ट मीटर से आप अपने मोबाइल पर देख सकेंगे कि कितनी बिजली खर्च हो रही है। 20 फरवरी की कार्यशाला में हम हर उस सवाल का जवाब देंगे जो जनता के मन में संशय पैदा करता है।" — रवि कुमार राजौरा, SE विद्युत विभाग

क्यों जरूरी है स्मार्ट मीटर?

विभाग के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगने के बाद मैन्युअल रीडिंग की जरूरत खत्म हो जाएगी, जिससे 'गलत बिल' की समस्या से स्थाई छुटकारा मिलेगा। साथ ही, उपभोक्ता प्रीपेड रिचार्ज की तर्ज पर बिजली का उपयोग कर सकेंगे, जिससे बजट प्रबंधन आसान होगा।

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