Published:
12 Mar 2026, 04:30 PM
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Updated:
12 Mar 2026, 04:33 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
हल्द्वानी। सात समंदर पार चल रहे युद्ध की तपिश अब हल्द्वानी के 'स्ट्रीट फूड' को झुलसा रही है। व्यावसायिक एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की सप्लाई चेन टूटने से शहर की आर्थिक और स्वाद की सेहत बिगड़ गई है। मंगलवार से शुरू हुई यह किल्लत अब एक बड़े संकट का रूप ले चुकी है, जिससे हजारों वेंडर्स और व्यापारी प्रभावित हैं।
मेन्यू से गायब हुए मोमो और चाइनीज आइटम शहर के बड़े होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए व्यवसाय चलाना चुनौती बन गया है। गैस न होने के कारण संचालकों ने अपने मेन्यू कार्ड से लगभग 70 प्रतिशत खाद्य सामग्री हटा दी है। खासकर मोमो और चाइनीज फूड, जिन्हें बनाने के लिए तेज आंच (High Flame) की जरूरत होती है, उन्हें बनाना बंद कर दिया गया है। संचालकों का कहना है कि इंडक्शन या माइक्रोवेव पर ये व्यंजन संभव नहीं हैं और डीजल बर्नर का उपयोग लागत को कई गुना बढ़ा रहा है। विकल्प के तौर पर अब तंदूर और कोयले का सहारा लिया जा रहा है।
सन्नाटे में बदलीं चौपाटियां और फूड कोर्ट नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, शहर में लगभग 1200 स्ट्रीट फूड वेंडर्स हैं। व्यावसायिक सिलेंडर न मिलने के कारण बुधवार को 500 से अधिक ठेले बंद रहे। हल्द्वानी से काठगोदाम तक जिन फूड कोर्ट्स और चौपाटियों में शाम को पैर रखने की जगह नहीं होती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। स्ट्रीट फूड विक्रेता हरीश बिष्ट और मोहन चंद्र भट्ट ने बताया कि गैस के बिना काम करना नामुमकिन हो गया है।
नगर निगम की सख्ती: "घर से बना कर लाओ खाना" बिगड़ती स्थिति को देखते हुए नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। निगम ने सभी स्ट्रीट वेंडर्स को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे ठेलों पर खाना बनाने के बजाय घर से तैयार भोजन लाकर बेचें। ठेलों पर कुकिंग गैस के इस्तेमाल पर फिलहाल प्रतिबंध लगा दिया गया है।
"आपूर्ति बाधित होने के कारण सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए वेंडर्स को घर से खाना लाने को कहा गया है। सप्लाई बहाल होते ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।" — परितोष वर्मा, नगर आयुक्त
जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति सुचारू नहीं होती, तब तक हल्द्वानी के लोगों को अपने पसंदीदा व्यंजनों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
