Published:
12 Mar 2026, 04:22 PM
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Updated:
12 Mar 2026, 04:24 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
हल्द्वानी। इंटरनेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाली दो व्लॉगर्स, ज्योति अधिकारी और सुनीता भट्ट, इन दिनों अपनी वीडियोज के लिए नहीं बल्कि सरेआम की गई बदसलूकी के लिए सुर्खियों में हैं। पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर चल रही 'जुबानी जंग' ने गुरुवार को उस समय हिंसक रूप ले लिया जब दोनों हल्द्वानी की सड़क पर एक-दूसरे से भिड़ गईं।
आरोपों की बौछार और थाने तक दौड़ मामले की शुरुआत ज्योति अधिकारी के कोतवाली पहुँचने से हुई। ज्योति का आरोप है कि सुनीता भट्ट सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक और निजी टिप्पणियां कर रही हैं, जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर सुनीता भट्ट का दावा है कि ज्योति जानबूझकर विवाद पैदा करने के लिए उनका नाम घसीट रही हैं।
बाजार में 'महासंग्राम' और पुलिस से धक्का-मुक्की कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी ज्योति का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वह सीधे चौपाटी बाजार स्थित सुनीता भट्ट के स्टॉल पर जा पहुंचीं। देखते ही देखते बहस गाली-गलौज और फिर हाथापाई में बदल गई। हद तो तब हो गई जब बीच-बचाव करने आई महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी ज्योति अधिकारी ने धक्का-मुक्की की। हैरानी की बात यह रही कि आसपास मौजूद अन्य व्लॉगर्स शांति बनाने के बजाय इस पूरे ड्रामे को सोशल मीडिया पर 'लाइव' दिखाकर व्यूज बटोरने में लगे रहे।
विवादों से ज्योति अधिकारी का पुराना नाता यह पहली बार नहीं है जब ज्योति अधिकारी विवादों के केंद्र में हैं। इससे पहले भी वह अंकिता भंडारी आंदोलन के दौरान दरांती लहराने और कुमाऊं के देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में जेल की हवा खा चुकी हैं।
पुलिस की कड़ी कार्रवाई हल्द्वानी की सड़कों पर हुए इस तमाशे को एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि शहर की शांति भंग करने और अराजकता फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ज्योति अधिकारी और सुनीता भट्ट के खिलाफ शांति भंग की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों को हिरासत में ले लिया है।
