मनसा देवी सीढ़ी मार्ग पर 30 साल बाद मुलाकात: होमगार्ड लेख राम की सेवा और समर्पण को नमन

Published: 23 Feb 2026, 09:59 AM   |   Updated: 23 Feb 2026, 10:00 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

हरिद्वार।
कभी-कभी वक्त का पहिया तीन दशक घूम जाता है, लेकिन कुछ चेहरे और कुछ यादें वहीं ठहरी रह जाती हैं। ऐसा ही भावुक पल तब आया जब होमगार्ड विभाग से जुड़े श्री लेख राम जी से सौभाग्यपूर्ण मुलाकात हुई।

साल 1996… जब हरिद्वार उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। उसी दौर में लेख राम जी की ड्यूटी लगी थी। आज 2026 में एक बार फिर उनकी तैनाती मनसा देवी मंदिर के सीढ़ी मार्ग पर है।

तीन दशक बाद हुई इस मुलाकात में यादों का सैलाब उमड़ पड़ा।

तीन पीढ़ियों की गवाही, सेवा की निरंतरता

हमारे बड़े-बुजुर्ग तीन पीढ़ियों से यहां दुकान लगाते आए हैं और मां मनसा देवी का प्रसाद बेचते रहे हैं। लेख राम जी ने उस दौर को भी देखा, जब बाजार छोटा था लेकिन दिल बड़े थे।

उन्होंने बताया कि उस समय ड्यूटी करना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के बीच विश्वास का रिश्ता निभाना होता था।

“पहले वर्दी का सम्मान दिल से होता था”

बातों-बातों में उन्होंने एक महत्वपूर्ण अंतर भी बताया—
“उस समय इंसान, इंसान से प्यार करता था। भाईचारा था, अपनापन था। वर्दी को देखकर सम्मान अपने आप झलकता था। वर्दी के अंदर जो भी व्यक्ति होता था, उसे लोग अपना रक्षक और भाई मानते थे।”

आज समय बदल गया है। व्यवस्थाएं बदली हैं, भीड़ बढ़ी है, सोच में भी बदलाव आया है। लेकिन लेख राम जी की आंखों में आज भी वही सेवा भाव साफ झलकता है।

30 वर्षों की सेवा को नमन

लगातार 30 साल जनता की सेवा करना कोई साधारण बात नहीं। यह समर्पण, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण है।

लेख राम जी, आपने तीन दशकों तक समाज की सुरक्षा और व्यवस्था में अपना योगदान दिया—इसके लिए आपको कोटि-कोटि धन्यवाद।

आप जैसे कर्मयोगी ही वर्दी की असली पहचान हैं।

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