Published:
21 Feb 2026, 07:24 AM
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Updated:
21 Feb 2026, 07:26 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
“सरकार आपके द्वार”—यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि बीते 45 दिनों में प्रदेशभर में दिखी एक सजीव तस्वीर बन गया।
पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चला ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुक्रवार को अभूतपूर्व उपलब्धियों के साथ सम्पन्न हो गया। 45 दिनों तक लगातार प्रदेश के कोने-कोने में प्रशासन ने शिविर लगाए और लोगों की समस्याएं सुनीं—वहीं, मौके पर ही समाधान भी किया।
अभियान के दौरान कुल 681 शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ उठाया। अकेले शुक्रवार को 11 शिविरों में 8209 लोगों ने भागीदारी की।
गांव-गांव, कस्बों और दूरस्थ क्षेत्रों में लगे इन शिविरों ने यह संदेश दिया कि अब जनता को अपनी समस्या लेकर दफ्तर-दफ्तर भटकने की जरूरत नहीं—प्रशासन खुद उनके पास पहुंचा।
अभियान के दौरान कुल 51,053 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 33,755 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि समाधान भी सुनिश्चित करती है।
इसके अतिरिक्त 74,184 प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है। करीब तीन लाख लोगों ने विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का सीधा लाभ भी उठाया।
मुख्यमंत्री लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि आमजन को सरकारी कार्यों के लिए परेशान न होना पड़े। यही सोच इस अभियान की नींव बनी।
45 दिनों का यह विशेष अभियान भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जन शिकायतों के त्वरित समाधान की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार जनता के संपर्क में रहकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
यह अभियान सिर्फ आंकड़ों की सफलता नहीं, बल्कि विश्वास की पुनर्स्थापना की कहानी भी है—जहां सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हुई और भरोसे का एक नया अध्याय लिखा गया।
