Published:
17 Feb 2026, 11:10 AM
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Updated:
17 Feb 2026, 11:13 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
हरिद्वार। धर्मनगरी में होने वाले आगामी कुंभ मेले के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए प्रशासनिक मशीनरी अब पूरी तरह सक्रिय हो गई है। मंगलवार सुबह मेलाधिकारी सोनिका सिंह स्वयं 'ग्राउंड जीरो' पर उतरीं और कुंभ क्षेत्र के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पड़ाव दक्षद्वीप व बैरागी कैंप का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैरागी कैंप में विशेष तैयारी: अखाड़ों और धार्मिक संस्थाओं के लिए चिन्हित शिविर स्थलों का अवलोकन किया गया। मेलाधिकारी ने भूमि समतलीकरण (Leveling) और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा चक्र: गंगा तट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए घाटों की रेलिंग, सीढ़ियों और प्रकाश व्यवस्था (Lighting) को तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया।
अतिक्रमण पर प्रहार: मेला क्षेत्र की भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए अधिकारियों को सख्त रुख अपनाने की हिदायत दी गई।
मेलाधिकारी ने यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए सीओ ट्रैफिक विनोद सिंह के साथ चर्चा की और एक विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान:
पुल और सड़कें: प्रस्तावित नए पुलों और सड़कों के सुदृढ़ीकरण की समीक्षा की गई।
बुनियादी सुविधाएं: बिजली, पेयजल और स्वच्छता (Sanitation) के पुख्ता इंतजाम करने के लिए संबंधित विभागों को डेडलाइन दी गई।
"श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण देना हमारी प्रतिबद्धता है। कुंभ क्षेत्र में चल रहे कार्यों में कोई भी तकनीकी कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" — सोनिका सिंह, मेलाधिकारी
अधिकारियों की फौज रही मौजूद
निरीक्षण के दौरान उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, सीओ ट्रैफिक विनोद सिंह सहित लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान और विद्युत विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़ी रिपोर्ट साप्ताहिक आधार पर प्रस्तुत करें ताकि कार्यों की प्रगति की निगरानी की जा सके।
निष्कर्ष: दिव्य और भव्य कुंभ की ओर कदम
दक्षद्वीप क्षेत्र में घाटों की नियमित सफाई और मरम्मत को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि कुंभ शुरू होने से काफी पहले सभी स्थाई और अस्थाई निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
