Published:
19 Feb 2026, 08:30 AM
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Updated:
19 Feb 2026, 08:31 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
लालकुआं। जब शहर सो रहा था, तब खाकी की निगाहें सरहद पर मौत के सौदागरों की पदचाप सुन रही थीं। अंधेरे का फायदा उठाकर समाज की रगों में कच्चा जहर उतारने की एक बड़ी साजिश को लालकुआं पुलिस ने उस वक्त नाकाम कर दिया, जब वार्ड नंबर 1 की तंग गलियों से निकला एक तस्कर नशा खपाने की फिराक में था।
पुलिस की सतर्क निगाहों ने गोला गेट के पास एक संदिग्ध हलचल देखी। सन्नाटे को चीरती पुलिस की टॉर्च की रोशनी जैसे ही एक प्लास्टिक के कट्टे पर पड़ी, सामने खड़े संदिग्ध के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। कट्टे के भीतर छिपा वह 'कच्चा जहर' चीख-चीखकर उन साजिशों की गवाही दे रहा था, जो देवभूमि की युवा पीढ़ी को खोखला करने के लिए रची गई थी।
एसएसपी के कड़े निर्देशों के बाद 'ड्रग्स फ्री देवभूमि' के संकल्प के साथ शुरू हुआ यह अभियान अब निर्णायक मोड़ पर है। यह गिरफ्तारी महज एक कार्रवाई नहीं है, बल्कि उन आकाओं के लिए सीधी चेतावनी है जो ऊंचे मुनाफे के लिए युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। पुलिस की इस रेड ने नशे के उस नेटवर्क की कमर तोड़ दी है जो गुपचुप तरीके से अपना विस्तार कर रहा था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नशे के इस कारोबार के तार वार्ड नंबर 1 की गलियों से जुड़े हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस पकड़े गए सौदागर के पीछे असली 'सफेदपोश' चेहरे कौन हैं।
"देवभूमि की पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। हमारी टीमें सादी वर्दी में भी तैनात हैं और नशे की हर सप्लाई लाइन को काट दिया जाएगा।" — पुलिस प्रशासन, लालकुआं
