“लखनऊ में कमर्शियल गैस संकट: होटल और ढाबों के चूल्हे ठंडे, कालाबाजारी का खतरा”

Published: 09 Mar 2026, 10:01 AM   |   Updated: 09 Mar 2026, 10:03 AM
Category: उत्तर प्रदेश   |   By: Admin

राजधानी लखनऊ के व्यापारिक गलियारों से लेकर आम आदमी की रसोई तक, सोमवार की सुबह एक नई चिंता लेकर आई। खाड़ी देशों—अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक तेल आपूर्ति की चेन तोड़ दी है। इसका तात्कालिक असर लखनऊ में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) द्वारा कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पर पड़ा है।

लखनऊ में प्रतिदिन लगभग 10,000 कमर्शियल सिलेंडरों की खपत होती है। सप्लाई ठप होने से शहर के हजारों होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों के चूल्हे ठंडे होने की नौबत आ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कमी को पूरा करने के लिए अब घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध डायवर्जन शुरू हो सकता है। लखनऊ के अधिकांश छोटे ढाबों और स्ट्रीट वेंडर्स के पास पहले से ही घरेलू सिलेंडरों का अवैध स्टॉक मौजूद है। अब इस अवैध इस्तेमाल में 80% तक की बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

कालाबाजारी का खतरा भी बढ़ गया है। बिचौलिए और डिलीवरी एजेंट घरेलू उपभोक्ताओं का कोटा काटकर होटलों को ऊंचे दामों पर सिलेंडर बेच सकते हैं। वहीं, गैस रिफिलिंग (पलटी मारना) का खेल छोटे वेंडर्स के लिए बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। 

व्यापारियों का कहना है कि अगर 48 घंटों में सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो तैयार भोजन की कीमतों में 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है। शादियों के सीजन में यह समस्या कैटरिंग व्यवसाय पर भी गहरा असर डाल सकती है।

अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और रसद विभाग पर टिकी हैं कि क्या वे घरेलू गैस की कालाबाजारी और अवैध डायवर्जन को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे और आम उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिल पाएगा।

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