Published:
25 Feb 2026, 11:43 AM
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Updated:
25 Feb 2026, 11:43 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने रूह कंपा दी है। एक 21 साल के बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने अपने ही पिता, पैथोलॉजी लैब मालिक मानवेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर साक्ष्यों को मिटाने के लिए जो किया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया।
20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे अक्षत ने अपने पिता को गोली मार दी। इस दौरान उसकी बहन भी वहां मौजूद थी, जिसे उसने धमकी दी कि यदि मुंह खोला तो उसे भी जान से मार देगा। हत्या के बाद आरोपी बाजार गया और वहां से एक नीला ड्रम, आरी, 10 लीटर तारपिन का तेल और रूम स्प्रे खरीदकर लाया।
बाथरूम में उसने पिता के शव को आरी से काटकर टुकड़ों में बांट दिया। आरोपी ने पहले दोनों हाथ और पैर काटे, फिर उन्हें पन्नियों में पैक किया। इस दौरान वह लगातार पानी चलाता रहा ताकि खून के निशान न रहें। पिता का सिर काटकर वह घर से 21 किलोमीटर दूर फेंक आया।
हत्या के तीन दिन बाद शातिर अक्षत थाने पहुंचा और पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मोहल्ले वालों ने मानवेंद्र की तलाश के लिए 'मानवेंद्र मिसिंग ग्रुप' नाम से एक वाट्सऐप ग्रुप बनाया था। हैरानी की बात यह है कि पिता की लाश के टुकड़े घर में छिपाकर बैठा अक्षत इस ग्रुप में लगातार सक्रिय था और हर दो-तीन घंटे में अपडेट दे रहा था ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने शव के कुछ हिस्सों को ठिकाने लगा दिया था, लेकिन बाकी हिस्सों को वह तारपिन के तेल से जलाना चाहता था। घर में बदबू न फैले, इसके लिए वह लगातार रूम स्प्रे का छिड़काव कर रहा था। उसके फूफा एसके सिंह भदौरिया के अनुसार, अक्षत ने पुलिस को बताया कि उसने शव इसलिए काटा क्योंकि पिता का वजन अधिक था और वह अकेले पूरी बॉडी को ठिकाने नहीं लगा पा रहा था।
मंगलवार को मानवेंद्र सिंह के शव का पोस्टमॉर्टम शाम 6:30 बजे तक चला। सूर्यास्त होने के कारण अंतिम संस्कार नहीं हो सका। आज बुधवार सुबह लखनऊ के भैंसाकुंड में गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की परतें खोल रही है।
