Published:
25 Feb 2026, 11:15 AM
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Updated:
25 Feb 2026, 11:16 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
नैनीताल जिले के पर्वतीय अंचलों में इन दिनों गुलदार (तेंदुआ) का खौफ चरम पर है। भीमताल, धारी, ओखलकांडा और रामगढ़ ब्लॉक के दर्जनों गांवों में तेंदुओं की सक्रियता ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। आलम यह है कि लोग अब दिन ढलते ही घरों के भीतर कैद होने को मजबूर हैं।
रामगढ़ के झूतिया गांव में मंगलवार तड़के करीब 3 बजे तेंदुए को घरों के पास चहलकदमी करते देखा गया। समाजसेवी देवेंद्र मेर के अनुसार, क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तेंदुए आबादी के करीब घूम रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने एक साथ तीन तेंदुओं को क्षेत्र में देखा था, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वे कुनबे के साथ रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं।
भीमताल के जंगलियागांव (तोक नौली और शिमाला) में मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे तेंदुए ने एक घर के आंगन में बंधे पालतू कुत्ते पर हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह पोखरिया ने बताया कि ग्रामीण तीन साल पहले हुए उस हादसे को नहीं भूले हैं, जब बाघ के हमले में तीन महिलाओं की जान चली गई थी।
धारी ब्लॉक के दीनी तल्ली और हाटमुगरों क्षेत्र में भी तेंदुए की आहट से लोग सहमे हुए हैं। बढ़ती घटनाओं को देखते हुए:
वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट ने लोगों से अपील की है कि वे शाम के समय अकेले बाहर न निकलें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
ग्राम प्रधान राधा कुल्याल ने प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरा लगाने और वन विभाग की गश्त बढ़ाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। वन विभाग की टीमें फिलहाल प्रभावित इलाकों में नजर बनाए हुए हैं।
