Published:
20 Feb 2026, 12:26 PM
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Updated:
20 Feb 2026, 12:27 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
नैनीताल। अक्सर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर आम जनता के लिए शुक्रवार का दिन राहत भरी उम्मीद लेकर आया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के दूसरे चरण के तहत सीआरएसटी इंटर कॉलेज में बहुउद्देशीय शिविर सजाया गया। उपजिलाधिकारी नवाजिश खलिक के संचालन में आयोजित इस शिविर में विधायक सरिता आर्या ने स्वयं मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई की 'डेडलाइन' दी।
शिविर में नगर पालिका क्षेत्र के स्टानले कंपाउंड, रामलीला मैदान और स्टाफ हाउस जैसे इलाकों से आए लोगों ने स्ट्रीट लाइट, पेयजल और रास्तों के सुधारीकरण की मांग प्रमुखता से उठाई। पुराने घोड़ा स्टैंड पर महिला समूहों की दुकानों के पुनर्निर्माण का मुद्दा भी गरमाया, जिस पर विधायक ने ईओ नगर पालिका को ठोस कार्यवाही के निर्देश दिए। शिविर में कुल 18 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से अधिकतर का निपटारा अधिकारियों ने वहीं फाइलें खोलकर कर दिया।
शिविर की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 260 नागरिकों ने मौके पर ही विभिन्न विभागों की सेवाओं का लाभ उठाया:
स्वास्थ्य: आयुर्वेदिक विभाग ने 102 और होम्योपैथिक विभाग ने 40 लोगों की मुफ्त जांच कर दवाएं बांटीं।
कृषि व उद्यान: 39 किसानों को बीज, रसायन और आधुनिक कृषि यंत्रों की सौगात मिली।
महिला सशक्तिकरण: बाल विकास विभाग द्वारा 8 सौभाग्यशाली लाभार्थियों को 'मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट' प्रदान की गई।
उद्योग व मत्स्य: उद्योग विभाग से 32 और मत्स्य विभाग से 56 लाभार्थी सीधे तौर पर जुड़े।
विधायक सरिता आर्या ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बुजुर्गों और ग्रामीणों को अपनी छोटी समस्याओं के लिए दफ्तरों की सीढ़ियां न चढ़नी पड़ें। शिविर में राजस्व विभाग ने प्रमाण पत्रों की जटिलताओं को सुलझाया, तो विद्युत विभाग ने बिलों की विसंगतियों को दूर किया। इस दौरान नगर पालिका ईओ रोहिताश शर्मा, भाजपा नगर अध्यक्ष नितिन कार्की और मंडी परिषद सदस्य मनोज जोशी सहित कई जनप्रतिनिधि जनता की मदद के लिए डटे रहे।
"जब प्रशासन खुद चलकर जनता के दरवाजे तक पहुंचता है, तो न केवल फाइलों का बोझ कम होता है, बल्कि लोकतंत्र में आम आदमी का विश्वास भी गहरा होता है। नैनीताल का यह शिविर इसी विश्वास की एक कड़ी है।"
