देहरादून। 23 फरवरी को गुरु और शुक्र के बीच 120 डिग्री का कोण बनने जा रहा है, जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” के अनुसार, गुरु (बृहस्पति) को शुभ और प्रभावशाली ग्रहों में गिना जाता है।
गुरु बृहस्पति वर्तमान में मिथुन राशि में हैं और इस दौरान विभिन्न ग्रहों के साथ उनकी युति और दृष्टि से नवपंचम राजयोग बन रहा है। इस विशेष संयोग से मीन, कर्क और कुंभ राशि के जातकों को करियर, धन और सामाजिक प्रतिष्ठा में लाभ मिलने की संभावना है।
मीन राशि
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लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना
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आर्थिक स्थिति में सुधार और भौतिक सुखों की प्राप्ति
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उच्च पद और प्रतिष्ठा मिलने के योग
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नौकरीपेशा लोगों के लिए समय अनुकूल, परिवार के साथ सुखद समय
कर्क राशि
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गुरु-मंगल की युति के कारण महत्वपूर्ण लोगों से बिगड़े संबंधों में सुधार
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भाग्य का साथ मिलने के संकेत
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नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास में वृद्धि
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योजनाबद्ध सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण से सफलता सुनिश्चित
कुंभ राशि
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लग्न भाव में मंगल और पांचवें भाव में गुरु के प्रभाव से भाग्य का साथ
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करियर में नए और बेहतर अवसर, पदोन्नति और वरिष्ठ अधिकारियों से सम्मान
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नया व्यवसाय या कार्य शुरू करने के लिए समय अनुकूल
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स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सकारात्मक अवधि
आचार्य दैवज्ञ के अनुसार, यदि कुंडली में ग्रहों को शांत किया जाए, तो इस नवपंचम राजयोग का प्रभाव सटीक और लाभकारी साबित होगा।
निष्कर्ष:
23 फरवरी 2026 का नवपंचम राजयोग मीन, कर्क और कुंभ राशि के जातकों के लिए करियर, धन, प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत विकास में विशेष अवसर ला सकता है। इस दौरान सोच-समझकर निर्णय लेने और धैर्य बनाए रखने से अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
