नई टिहरी में मौसम ने करवट ली है। आसमान में छाए बादलों और हल्की बूंदाबांदी से तापमान गिर गया है। इस बारिश ने सुलगते जंगलों की आग बुझाने में वन विभाग को बड़ी राहत दी है।

Published: 19 Feb 2026, 06:48 AM   |   Updated: 19 Feb 2026, 06:50 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

नई टिहरी। पहाड़ों की रानी कहे जाने वाले टिहरी गढ़वाल में गुरुवार सुबह से ही प्रकृति के तेवर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से चटख धूप और गर्मी की तपिश झेल रहे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को आज सुबह उस वक्त सुखद अहसास हुआ, जब आसमान काले बादलों की आगोश में समा गया।

ठिठुरन ने दी दस्तक

जिले में सुबह से ही ठंडी हवाओं का दौर जारी है। रुक-रुक कर हो रही हल्की बूंदाबांदी ने फिजाओं में फिर से वही पुरानी ठंडक घोल दी है। लोग जो गर्म कपड़े बक्सों में रख चुके थे, वे एक बार फिर बाहर निकल आए हैं। मौसम के इस अचानक यू-टर्न से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे एक बार फिर मार्च के महीने में दिसंबर जैसी ठिठुरन का अहसास होने लगा है।

सुलगते जंगलों के लिए 'अमृत' बनी बारिश

इस बदलते मौसम का सबसे सकारात्मक असर वनाग्नि पर पड़ा है। पिछले कई दिनों से नई टिहरी और आसपास के जंगलों में भड़की आग वन विभाग के लिए सिरदर्द बनी हुई थी। आग की लपटों से बेशकीमती वन संपदा राख हो रही थी और धुएं के कारण वातावरण में विजिबिलिटी भी कम हो गई थी।

  • वन विभाग को राहत: हल्की बारिश ने धधकते जंगलों को शांत करने का काम किया है।

  • जीव-जंतुओं को सुकून: जंगलों की आग बुझने से वन्य जीवों ने भी राहत की सांस ली है।

क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?

मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पहाड़ी जिलों में अगले 24 घंटों तक बादल छाए रह सकते हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में बौछारें गिरने की संभावना है, जिससे ठिठुरन अभी बरकरार रहेगी।

वीडियो और देखें
×