Published:
17 Feb 2026, 06:52 AM
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Updated:
17 Feb 2026, 07:26 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
हल्द्वानी/नैनीताल। देवभूमि में अपराध पर अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था को लोहे की तरह मजबूत करने के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देश पर प्रदेशव्यापी ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ (Operation Crackdown) शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को 15 फरवरी से एक महीने तक सघन सत्यापन अभियान चलाने के सख्त आदेश दिए हैं।
हर ठिकाने की जांच: आश्रम, होम-स्टे, हॉस्टल, होटल, धर्मशाला, शिक्षण संस्थान और प्राइवेट फ्लैट्स में रह रहे हर बाहरी व्यक्ति की जांच हो रही है।
श्रमिकों से छात्रों तक: बाहरी राज्यों और दूसरे देशों से आए विद्यार्थियों, रेहड़ी-ठेली संचालकों और निजी प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों का पूरा डेटा खंगाला जा रहा है।
पूरी टीम मैदान में: एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चन्द्र और एसपी सिटी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के नेतृत्व में टीमें गठित कर सत्यापन कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
प्रशासन केवल कागजी सत्यापन तक सीमित नहीं है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि:
फोन नंबरों की निगरानी: संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर रखा जा रहा है।
खुफिया तंत्र सक्रिय: स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) और विशेष प्रकोष्ठ को सादे कपड़ों में संदिग्धों पर नजर रखने के लिए तैनात किया गया है।
पहचान की पुष्टि: अल्पकालिक प्रवासियों के आईडी कार्ड्स की गहनता से जांच की जा रही है ताकि पहचान छिपाकर रहने वालों को पकड़ा जा सके।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अपने किरायेदारों और घरेलू सहायकों का विवरण तत्काल स्थानीय थाने में उपलब्ध कराएं। उन्होंने साफ कहा कि सत्यापन न कराने वाले मकान मालिकों और प्रतिष्ठान स्वामियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
"इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हम किसी भी असामाजिक तत्व को जिले की शांति भंग करने की इजाजत नहीं देंगे।" — डॉ. मंजुनाथ टीसी, एसएसपी नैनीताल
'ऑपरेशन क्रैक डाउन' के शुरू होते ही बाहरी राज्यों से आकर बसे संदिग्ध तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस की टीमें गलियों और मोहल्लों में जाकर सत्यापन कर रही हैं, जिससे स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है।
