Published:
13 Mar 2026, 12:30 PM
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Updated:
13 Mar 2026, 12:30 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का आयोजन 13 से 16 मार्च 2026 तक किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान के नेतृत्व में आयोजित इस चार दिवसीय मेले में किसानों के लिए कई विशेष कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं रखी गई हैं।
मेले का औपचारिक उद्घाटन 14 मार्च 2026 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा। यह मेला विश्वविद्यालय के गांधी पार्क में आयोजित किया जा रहा है, जहां कृषि, पशुपालन और ग्रामीण उद्योगों से जुड़ी नई तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. जितेंद्र क्वात्रा के अनुसार मेले में किसानों के लिए कई प्रतियोगिताएं और प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं।
मुख्य कार्यक्रमों में शामिल हैं:
13–14 मार्च: फल-फूल, सब्जी और परिरक्षित उत्पादों की प्रदर्शनी व प्रतियोगिता
13 मार्च: शैक्षणिक डेयरी फार्म, नगला में संकर बछियों की नीलामी
14 मार्च: मत्स्य उत्पादन प्रदर्शनी व प्रतियोगिता
13–15 मार्च: कृषक-वैज्ञानिक संवाद और कृषक गोष्ठी
15 मार्च: पशुचिकित्सा महाविद्यालय परिसर में पशु प्रदर्शनी व प्रतियोगिता
16 मार्च: समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह
मेले के अंतिम दिन विजेता प्रतिभागियों और उत्कृष्ट स्टॉल लगाने वाले संस्थानों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
मेले के पहले दिन गांधी हाल में विशेष व्याख्यानमाला आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों को पशुओं में होने वाले रोगों और उनके प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि पशुपालन में:
स्वच्छता
संतुलित आहार
समय पर उपचार
बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके अलावा सस्य विज्ञान, उद्यानिकी, सब्जी उत्पादन, मोटे अनाज, फसल सुरक्षा और फल-फूल उत्पादन जैसे विषयों पर भी किसानों की समस्याओं का समाधान किया गया।
किसान मेले में आए किसानों को विश्वविद्यालय के विभिन्न अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों का भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान किसानों ने:
मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय
फसल अनुसंधान केंद्र
मधुमक्खी पालन इकाई
मशरूम उत्पादन इकाई
डेयरी और पोल्ट्री फार्म
का अवलोकन कर आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान ने भी मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसी के साथ विश्वविद्यालय द्वारा पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग ब्लॉक में अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए एक विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की परियोजना “मशरूम एवं दुग्ध आधारित मूल्य संवर्धित उत्पादों के माध्यम से उद्यमिता विकास” के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. अर्पिता शर्मा कांडपाल ने महिलाओं को:
मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीक
कम लागत में अधिक आय के तरीके
दूध से बनने वाले उत्पाद जैसे पनीर, घी, दही और फ्लेवर्ड मिल्क
के बारे में जानकारी दी।
महिलाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए बेसलाइन सर्वे और एक्सपोजर विजिट भी आयोजित की गई।
विश्वविद्यालय की फार्मर फर्स्ट परियोजना के अंतर्गत भीमताल ब्लॉक के सूर्यजला गांव में महिला मुर्गीपालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान डॉ. किरण राणा और डॉ. नेहा आर्या ने महिलाओं को डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से मुर्गीपालन उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के तरीके बताए।
परियोजना के तहत पहले ही गांव के किसानों को मुर्गियां वितरित की जा चुकी हैं, जिससे कई परिवारों ने छोटे स्तर पर मुर्गीपालन शुरू कर दिया है। यह कार्यक्रम ग्रामीण किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
