रामनगर से हुआ फूलदेई 2026 का शुभारम्भ, 100 से अधिक बच्चों ने रचनात्मक गतिविधियों में लिया भाग

Published: 15 Mar 2026, 03:56 PM   |   Updated: 15 Mar 2026, 04:01 PM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं को जीवंत रखने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए धाद की कोना कक्षा ने बालपर्व फूलदेई 2026 का शुभारम्भ रामनगर से किया। कार्यक्रम की शुरुआत पारम्परिक फूलदेई फेरी से हुई, जिसमें बच्चों ने “फूलदेई छम्मा देई” गाते हुए घरों की दहलीजों पर फूल अर्पित किए और पर्व की खुशियां साझा कीं।

इसके बाद वना रिट्रीट, रामनगर (नैनीताल) के परिसर में उत्तराखंड के लगभग दस हजार बच्चों की सहभागिता वाले रचनात्मक अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर क्षेत्र के चार विद्यालयों—प्राथमिक विद्यालय भलोंन, उच्च प्राथमिक विद्यालय भलोंन, उच्च माध्यमिक विद्यालय पाटकोट तथा ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल पाटकोट—के 100 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में बच्चों ने चित्रकला, कविता और कहानी लेखन के माध्यम से अपनी भावनाओं और कल्पनाओं को अभिव्यक्त किया। उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हुए 22 बच्चों को उनकी उत्कृष्ट रचनाओं के लिए पुरस्कृत भी किया गया। बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का परिचय देते हुए कोना कक्षा के संयोजक गणेश चंद्र उनियाल ने बताया कि फूलदेई के अवसर पर हर वर्ष प्रदेश के बच्चों को अपनी अभिव्यक्ति के लिए एक मंच देने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से उत्तराखंड के दूर-दराज के विद्यालयों तक फूलदेई शीट भेजी जाती हैं, जिन पर बच्चे अपनी कल्पनाओं को चित्र या लेखन के माध्यम से व्यक्त करते हैं। इसके बाद श्रेष्ठ रचनाओं को सम्मानित किया जाता है।

कार्यक्रम की आयोजक स्नेहल ने कहा कि फूलदेई उत्तराखंड का एक प्राचीन और महत्वपूर्ण लोक पर्व है, जिसे नई पीढ़ी के बीच फिर से जीवंत करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से इस पर्व को दोबारा लोगों के बीच लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बच्चे अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ सकें।

कार्यक्रम का संचालन आशा डोभाल ने किया। इस अवसर पर धाद की ओर से तन्मय ममगाईं (सचिव धाद) और नीना रावत (सचिव स्मृति वन) ने संगठन के विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।

इस दौरान प्रदीप रावत, मनीष, मोहन पाठक, शुभम शर्मा सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।

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