“पाइन नीडल्स पर मशरूम कल्टीवेशन: IATR ने शुरू की क्रांतिकारी तकनीक, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण में बड़ी पहल”

Published: 09 Mar 2026, 10:35 AM   |   Updated: 09 Mar 2026, 10:36 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

क्रांतिकारी तकनीक का शुभारंभ

पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, मैती आंदोलन के संस्थापक, ने इस तकनीक का शुभारंभ किया। IATR के विशेषज्ञों ने दो वर्षों की रिसर्च के बाद पाइन नीडल्स, पाइन पीट और पाइन ऑर्गेनिक कंपोस्ट का इस्तेमाल करके उच्च गुणवत्ता वाले मशरूम की खेती में सफलता प्राप्त की।

मुख्य लाभ

  • वनाग्नि रोकथाम: ज्वलनशील पिरूल का उपयोग करके जंगलों में आग का खतरा कम होगा।

  • उत्पादन लागत में कमी: महंगे स्ट्रॉ की जगह पिरूल का उपयोग कर उत्पादन सस्ता होगा।

  • रोजगार सृजन: महिलाओं, युवाओं और SHGs के लिए नए अवसर।

  • ऑर्गेनिक खेती: पाइन पीट और कंपोस्ट से जैविक खेती को बढ़ावा।

  • सतत विकास: अपशिष्ट से मूल्य सृजन और हिमालयी पारिस्थितिकी की रक्षा।

विशेषज्ञों की टिप्पणियाँ

पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने कहा, “यह तकनीक स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करेगी और पर्यावरण की रक्षा में मदद करेगी। यह विशेषकर पहाड़ी किसानों के लिए वरदान साबित होगी।”

IATR के CEO, श्री अमित उपाध्याय ने कहा, “हम इस तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू करने की योजना बना रहे हैं। इससे ग्रामीण समुदाय लाभान्वित होंगे और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।”

सामाजिक उद्यमिता और ग्रामीण सशक्तिकरण

यह पहल सामाजिक उद्यमिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाएगी बल्कि ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाएगी, साथ ही पर्यावरण संरक्षण में ठोस योगदान देगी।

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