सीमांत जनपद Pithoragarh के मुनस्यारी क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर आंख नम कर दी। पहाड़ की खामोशी के बीच एक परिवार की दुनिया उजड़ गई।
Munsiyari थाना क्षेत्र में कालामुनि और बेटुली धार के बीच 26 वर्षीय भेड़ पालक रमेश राम की गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह रोज की तरह अपनी भेड़-बकरियों को जंगल में चरा रहा था। पहाड़ी ढलान पर अचानक उसका पैर फिसला और वह करीब 100 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरा। चट्टानों से टकराने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
देर रात तक घर नहीं लौटा तो बढ़ी चिंता
जब रमेश देर शाम तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। परिवार और ग्रामीणों ने जंगल की ओर तलाश शुरू की। खाई की ओर निशान मिलने पर पुलिस थाना मुनस्यारी को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दुर्गम क्षेत्र और गहरी खाई के कारण शव निकालना आसान नहीं था। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद रमेश को खाई से बाहर निकालकर सड़क तक पहुंचाया गया।
अस्पताल में टूटी अंतिम उम्मीद
ग्रामीणों ने अंतिम उम्मीद के साथ उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुनस्यारी पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। स्थानीय घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
इकलौते बेटे की मौत से बिखर गया परिवार
बताया जा रहा है कि रमेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और घर का एकमात्र सहारा। उसकी अचानक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर चेहरा शोक में डूबा है।
पहाड़ों में बढ़ते हादसे चिंता का विषय
पर्वतीय क्षेत्रों में खतरनाक ढलानों और असुरक्षित रास्तों के कारण इस तरह की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने और चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार की खुशियां इस तरह न उजड़ें।
पहाड़ की खूबसूरती के बीच छिपे खतरे एक बार फिर एक घर का चिराग बुझा गए—और पीछे छोड़ गए आंसुओं की लंबी कहानी।
