महाशिवरात्रि पर लहूलुहान हुई आस्था: कुसमी में बुजुर्ग पुजारी की नृशंस हत्या, आरोपी ने सीने पर पैर रखकर रेती गर्दन; इलाके में भारी तनाव!

Published: 18 Feb 2026, 07:13 AM   |   Updated: 18 Feb 2026, 07:15 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

रविवार की सुबह 9 बजे, जब शिव मंदिरों में जयकारों की गूंज थी, तब कुसमी क्षेत्र की गलियां एक बुजुर्ग पुजारी के खून से लाल हो गईं। तहसील परिसर स्थित हनुमान मंदिर में 30 वर्षों से निस्वार्थ सेवा कर रहे 75 वर्षीय पंडित इंद्रभान द्विवेदी अपनी अंतिम पूजा कर घर लौट रहे थे। उन्हें क्या पता था कि रास्ते में 'काल' बनकर एक नफरत से भरा शख्स उनका इंतजार कर रहा है।

हमला ऐसा कि दहल गया देखने वालों का दिल प्रत्यक्षदर्शियों ने जो बताया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। आरोपी कामता प्रसाद उर्फ लाला केवट मोटरसाइकिल से आया और उसने निहत्थे बुजुर्ग पुजारी की गर्दन पर सीधा वार किया। जब पुजारी जमीन पर गिर पड़े, तो आरोपी की दरिंदगी खत्म नहीं हुई। बताया जा रहा है कि उसने पुजारी के सीने पर पैर रखकर उनकी गर्दन रेत दी और तब तक वार किए जब तक उनके प्राण नहीं पखेरू उड़ गए।

नफरत बनी कत्ल की वजह: ब्राह्मणों से रखता था रंजिश स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपी के मन में एक विशेष वर्ग के प्रति गहरी नफरत भरी थी। वह अक्सर पूजा-पाठ करने वालों को प्रताड़ित करता था और पहले भी मारपीट कर चुका था। सादगी की प्रतिमूर्ति कहे जाने वाले इंद्रभान द्विवेदी की किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी, लेकिन आरोपी की इसी 'वैचारिक नफरत' ने एक निर्दोष की जान ले ली।

आक्रोश का उबाल: घर और दुकान पर चला प्रशासन का डंडा हत्याकांड की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। ब्राह्मण समाज और स्थानीय निवासियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों के गुस्से को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी लाला केवट को हिरासत में ले लिया गया है और उसकी मुर्गा-मीट की दुकान व घर को प्रशासन ने सील कर दिया है।

पुलिस की तैनाती, शांति की अपील घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है। थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है। प्रशासन ने लोगों से धैर्य रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

30 साल तक जिस मंदिर की चौखट को इंद्रभान जी ने बुहारा, आज वहीं के लोग उनकी अंतिम विदाई पर फूट-फूट कर रो रहे हैं। एक सरल व्यक्तित्व का ऐसा दुखद अंत समाज की सुरक्षा और सोच पर बड़े सवाल खड़े कर गया है।

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