Published:
22 Jun 2026, 11:31 AM
Category:
राज्य
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By: Admin
देहरादून।रुद्रप्रयाग जिले में स्थित नगरासू गुरुद्वारे में मौजूद निहंग सिखों का मामला बढ़ता ही जा रहा है। इस मामले में अब पंजाब के सीएम भगवंत मान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की। सीएम मान ने फोन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि निहंग सिखों की जो भी मांग है, वो सुनना उनकी प्राथमिकता होना चाहिए।
सीएम मान ने कहा कि दोनों पक्ष के बीच बातचीत का रास्ता खुला रहे। सभी को समझदारी से काम लेना होगा। सीएम मान ने उत्तराखंड के सीएम धामी को हर संभव मदद का भरोसा भी दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार से जैसी भी सहायता चाहिए होगी वो तैयार है। पंजाब सरकार भी सिख धर्म गुरुओं से बातचीत कर रही है।
दरअसल, 20 जून शाम से रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में सात से आठ निहंग सिखों ने डेरा डाला हुआ है। पहले दिन तो निहंग सिखों ने गुरुद्वारे के दो सेवादारों को बंधक भी बनाया था। इस घटना से पुलिस-प्रशासन में भी हड़कंप मच गया था। हालांकि 21 जून को निहंग सिखों ने दोनों सेवादारों को छोड़ दिया था। बावजूद इसके निहंग अपने हथियारों के साथ गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर चढ़े हुए थे। जिससे इलाके में तनाव का माहौल हो रखा था।
पुलिस-प्रशासन के मनाने के बाद 21 जून की शाम एक निहंग सिख ने आत्मसमर्पण कर दिया था। जबकि आज 22 जून को एक निहंग सिख को खाने लेने आने के दौरान पुलिस के जवानों ने पकड़ लिया। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौला बना हुआ है। नगरासू गुरुद्वारे के आसपास स्थानीय पुलिस के साथ-साथ आईटीबीपी के जवानों को भी तैनात कर दिया गया है। निहंग सिखों ने कई बार छतों से पुलिस और आईटीबीपी के जवानों पर पथराव भी किया है।
दरअसल, 16 जून को हेमकुंड साहिब के दर्शन कर लौट रहे कुछ निहंग श्रद्धालुओं का चमोली जिले के कर्णप्रयाग में स्थानीय व्यापारियों के साथ विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि बात मारपीट तक पहुंच गई थी। इसके बाद दो निहंग श्रद्धालुओं ने वहां तलवार भी चलाई और कई लोगों को घायल भी किया।
पुलिस ने इस मामले में दो निहंग सिखों का गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था। इस घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल है। बताया जा रहा है कि नगरासू गुरुद्वारे में ऊपरी मंजिल पर कब्जा किए बैठे निहंग सिखों की मांग है कि कर्णप्रयाग की घटना में गिरफ्तार किए उनके दो निहंग साथियों को छोड़ा जाए। इसके साथ ही स्थानीय लोगों पर कार्रवाई की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कर्णप्रयाग और नगरासू इलाके में धारा 163 लागू कर रखी है।
