Published:
18 Mar 2026, 10:11 AM
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Updated:
18 Mar 2026, 10:14 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
देहरादून में बुधवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब उत्तराखंड के राज्य आंदोलनकारी अपनी लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। वर्षों से अपनी पहचान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे आंदोलनकारियों का धैर्य अब जवाब देता दिख रहा है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद 5 महीने बीत जाने के बाद भी लंबित चिन्हीकरण प्रक्रिया पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे उनमें गहरा आक्रोश है।
सिर्फ यही नहीं, 10% क्षैतिज आरक्षण के तहत उत्तीर्ण बेरोजगार युवाओं को अब तक नियुक्तियां नहीं मिल सकी हैं। साथ ही, उम्र सीमा बढ़ाने और सभी आंदोलनकारियों को आरक्षण का लाभ देने की मांग भी लगातार अनसुनी की जा रही है।
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि वे लंबे समय से मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए समय मांग रहे थे, लेकिन उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया। इसी उपेक्षा के चलते उन्होंने गांधी पार्क से सचिवालय तक कूच करने का निर्णय लिया।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से गोल्डी नौटियाल, बीडी बौंडियाल, युद्धवीर सिंह चौहान, हरि सिंह गेहर, अनुज नौटियाल, दीपक बिष्ट, राकेश काण्डपाल, संजय बलूनी, सुलोचना मह, राजेश पांथरी, आनंद सिंह रावत सहित कई अन्य शामिल थे।
यह कूच सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि सरकार को चेतावनी है कि अगर जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।
