मुकद्दस रमजान का चांद दिखा, 'इबादत' के नूर से नहाई हल्द्वानी; कल रखा जाएगा पहला रोजा, मस्जिदों में तरावीह की गूँज और बाजारों में बढ़ी रौनक

Published: 19 Feb 2026, 10:46 AM   |   Updated: 19 Feb 2026, 11:12 AM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

हल्द्वानी। फिजाओं में इबादत की खुशबू और अकीदत का नूर... मुकद्दस माहे रमजान का चांद नजर आते ही देवभूमि के हल्द्वानी और नैनीताल की मस्जिदों से 'अल्लाह-हु-अकबर' की गूंज सुनाई देने लगी है। देश में सबसे पहले बिहार और असम में चांद देखे जाने की खबर के साथ ही, उत्तराखंड के नैनीताल और हल्द्वानी में भी चांद की तस्दीक हो गई। इसी के साथ गुरुवार (19 फरवरी) को पहला रोजा रखा जाएगा।

बनभूलपुरा में जश्न जैसी रौनक, सजीं दुकानें

चांद दिखने की खबर मिलते ही शहर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में खुशियों की लहर दौड़ गई। हल्द्वानी का बनभूलपुरा लाइन नंबर 8 दूधिया रोशनी से सराबोर नजर आया। लोग एक-दूसरे को गले लगाकर 'रमजान मुबारक' कहते दिखे। खजूर, फल और इफ्तारी के सामान से बाजार पट गए हैं। बाजारों में देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रही, जिससे ठिठुरती ठंड में भी गर्मजोशी का अहसास हुआ।

तरावीह का दौर शुरू, इबादत में झुकेंगे सिर

चांद की तस्दीक होते ही मस्जिदों में 'ईशा' की नमाज के बाद विशेष नमाज 'तरावीह' शुरू हो गई है। रोजेदार पांच वक्त की नमाज के साथ-साथ कुरान की तिलावत और खुदा की इबादत में मशगूल हो गए हैं। पूरे महीने रोजेदार सुबह सहरी और शाम को परिवार व दोस्तों के साथ इफ्तारी का आनंद लेंगे।

30 दिन का इम्तिहान और फिर 'ईद' की सौगात

इस्लामिक मान्यता के अनुसार, रमजान का महीना आत्मसंयम और जरूरतमंदों की सेवा का महीना है। 30 दिनों के रोजों और कड़ी इबादत के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी।

"यह महीना हमें सब्र और इंसानियत का पाठ पढ़ाता है। चांद दिखते ही पूरे शहर में अमन और चैन की दुआएं मांगी जा रही हैं।"स्थानीय धर्मगुरु

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