Published:
03 Apr 2026, 03:18 PM
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Updated:
03 Apr 2026, 03:23 PM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
रामनगर के ढेला बंदोबस्ती गांव में अवैध तरीके से जमीन बेचने के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर ललित मोहन रयाल की अदालत ने 1.170 हेक्टेयर भूमि को राज्य सरकार के नाम निहित करने का आदेश दिया।
जांच में सामने आया कि साल 1993 में अनुसूचित जाति के व्यक्तियों ने अपनी जाति छुपाकर सामान्य वर्ग के व्यक्ति को जमीन बेच दी थी। बैनामा और मुख्तारनामे में जाति का जिक्र नहीं किया गया था, जो नियमों के खिलाफ था। बाद में परिवार रजिस्टर और प्रमाण पत्र से साबित हुआ कि विक्रेता अनुसूचित जाति वर्ग से थे।
ऐसे मामलों में बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति जमीन बेचना कानूनन गलत होता है। सुप्रीम कोर्ट के मामले सरकार बनाम सीताराम आदि का हवाला देते हुए अदालत ने यह स्पष्ट किया कि जाति जन्म से तय होती है और इस आधार पर सौदा अवैध माना गया।
इसके बाद UPZALR Act की धारा 157 के तहत कार्रवाई करते हुए जमीन को सरकार के नाम कर दिया गया। अदालत ने SDM रामनगर को निर्देश दिए हैं कि राजस्व रिकॉर्ड में तुरंत बदलाव किया जाए और जमीन का कब्जा सरकार के नाम सुनिश्चित किया जाए। यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि प्रशासन अब अवैध जमीन सौदों और नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेगा।
