विश्व युद्ध की आहट से रामनगर में आक्रोश: संयुक्त संघर्ष समिति ने घेरा अमेरिका-इजरायल; भारत की 'चुप्पी' पर उठाए सवाल

Published: 12 Mar 2026, 04:38 PM   |   Updated: 12 Mar 2026, 04:39 PM
Category: उत्तराखंड   |   By: Admin

रामनगर। पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों ने देवभूमि के जागरूक नागरिकों को भी झकझोर दिया है। संयुक्त संघर्ष समिति रामनगर से जुड़े विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध की निंदा की है। वक्ताओं ने इस टकराव को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है।

निर्दोषों की मौत और संसाधनों पर कब्जे का आरोप बैठक का संचालन करते हुए प्रभात ध्यानी ने कहा कि युद्ध की विभीषिका में हजारों मासूम बच्चे और निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। अस्पतालों, स्कूलों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाना मानवाधिकारों की हत्या है। समिति का आरोप है कि इस युद्ध का असली मकसद ईरान के प्राकृतिक संसाधनों, विशेषकर तेल और गैस पर कब्जा जमाना है।

भारत पर पड़ेगा सीधा असर: 'होर्मुज' की घेराबंदी से संकट बैठक में विशेषज्ञों ने आगाह किया कि यह युद्ध केवल दो देशों के बीच नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल का निर्यात बाधित होने के कारण पूरी दुनिया में तेल की आपूर्ति कम हो गई है, जिससे असुरक्षा और अफरा-तफरी का माहौल है।

  • भारतीयों की सुरक्षा: खाड़ी देशों में एक करोड़ से अधिक भारतीय कार्यरत हैं। युद्ध के कारण उनके रोजगार और जीवन पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।

  • महंगाई का डर: तेल आपूर्ति बाधित होने से भारत में ईंधन की कीमतें आसमान छू सकती हैं।

भारत की 'चुप्पी' पर तीखा प्रहार समिति ने भारत सरकार के रुख पर कड़ा एतराज जताया। वक्ताओं ने कहा कि भारत की वर्षों पुरानी गुटनिरपेक्ष नीति (Non-Aligned Policy) रही है, लेकिन वर्तमान युद्ध में सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने अपेक्षा की है कि भारत सरकार को शांति बहाली के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और अमेरिका-इजरायल के हस्तक्षेप के खिलाफ स्टैंड लेना चाहिए।

बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में समाजवादी लोकमंच के मुनीश कुमार, इंकलाबी मजदूर केंद्र के भुवन, महिला एकता मंच की ललिता रावत, और देवभूमि व्यापार मंडल के संरक्षक मनमोहन अग्रवाल सहित साइंस फॉर सोसाइटी, ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के कई गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

वीडियो और देखें
×