Published:
24 Feb 2026, 11:23 AM
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Updated:
24 Feb 2026, 11:24 AM
Category:
उत्तराखंड
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By: Admin
प्रकृति और मनुष्य का रिश्ता अटूट है, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ में यह रिश्ता दरक रहा है। इसी गंभीर विषय को केंद्र में रखकर लखनपुर स्थित पर्वतीय सभा परिसर में एक प्रभावशाली नाट्य संध्या का आयोजन किया गया। शान्तिकुंज कल्याण समिति और शाइनिंग स्टार पब्लिक स्कूल के सहयोग से मंचित नाटक “द लॉस्ट वर्ल्ड” ने दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि यदि आज हम नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ी के पास केवल एक 'खोई हुई दुनिया' ही शेष रहेगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात ध्यानी, बी.एस. डंगवाल, स्कूल प्रबंधक डी.एस. रावत और समिति अध्यक्ष रोहित बिष्ट द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। मंच का कुशल संचालन पर्वतीय सभा के उपाध्यक्ष हेम चन्द्र पाण्डे ने किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कला और सामाजिक सरोकारों के जुड़ाव पर बल दिया।
निर्देशक संजय रिखाड़ी के निर्देशन में शाइनिंग स्टार स्कूल के छात्र-छात्राओं ने कमाल का अभिनय किया। नाटक के माध्यम से दिखाया गया कि कैसे मानव की लापरवाही वनों और वन्यजीवों को विनाश की ओर ले जा रही है। डी.एस. नेगी ने नाटक की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए कहा:
"पर्यावरण संरक्षण आज कोई विकल्प नहीं, बल्कि हमारी अनिवार्यता है। बच्चों के माध्यम से दिया गया यह संदेश समाज की चेतना को झकझोरने का काम करेगा।"
नाटक के समापन के बाद एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जहाँ दर्शकों ने कलाकारों और आयोजन समिति के सदस्यों से संवाद किया। पर्यावरण से जुड़े विभिन्न सवालों और भविष्य की चुनौतियों पर खुलकर चर्चा हुई। इस सत्र ने दर्शकों, विशेषकर युवाओं को प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराया।
कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी: इस सांस्कृतिक संध्या में समिति सचिव धर्मपाल डंगवाल, चंद्रशेखर पंत, प्रदीप पाण्डे, रमेश बिष्ट, पूरन पाण्डे, नवीन तिवारी, आनन्द पाण्डे, अनूप बिष्ट, शंकर पाण्डे, नवेन्दु जोशी और संतोष पपनै सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक और अभिभावक मौजूद रहे।
रामनगर जैसे प्रकृति की गोद में बसे शहर में इस तरह के आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देते हैं, बल्कि ग्लोबल वार्मिंग जैसे वैश्विक मुद्दों पर स्थानीय स्तर पर एकजुटता भी पैदा करते हैं।
